सीजीएसटी छापे के बाद गिरफ्तारी को कोर्ट ने अवैध बताया:कहा गिरफ्तारी का कारण बताना जरूरी, तुरंत रिहाई का आदेश

सीजीएसटी छापे के बाद गिरफ्तारी को कोर्ट ने अवैध बताया:कहा गिरफ्तारी का कारण बताना जरूरी, तुरंत रिहाई का आदेश

सीजीएसटी अधिकारियों के छापे के बाद गिरफ्तारी से जुड़े एक मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने रिमांड आदेश को अवैध मानते हुए रद कर दिया है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ तथा न्यायमूर्ति जयकृष्ण उपाध्याय की खंडपीठ ने मेरठ के जयकुमार अग्रवाल याची को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया है और कहा है कि यदि आवश्यक हो तो नए सिरे से कार्रवाई कर सकते हैं। कोर्ट ने पाया कि गिरफ्तारी के समय “गिरफ्तारी के कारण” की प्रति नहीं दी गई थी जो कि कानून के अनुसार आवश्यक है। मामले के संक्षिप्त तथ्य यह हैं कि 29 दिसंबर 2025 को लगभग सुबह आठ बजे, प्रतिवादी संख्या जीएसटी खुफिया महानिदेशालय के अधिकारियों ने जयकुमार को हिरासत में लेने के बाद सीजीएसटी अधिनियम की धारा 67 के तहत उसके आवासीय परिसर में तलाशी शुरू की। फिर याची को 16जनवरी 2026 को अधिनियम की धारा 69 के तहत गिरफ्तार कर लिया।

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