पटना में औषधि नियंत्रण प्रशासन ने नशीली दवाओं के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। सोमवार शाम रामकृष्ण नगर इलाके में की गई छापेमारी में करीब 19 लाख रुपये के नशीले इंजेक्शन, कोडीनयुक्त कफ सिरप और प्रतिबंधित टैबलेट जब्त किए गए। पुलिस ने गोदाम को सील कर दिया है और चार आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पांच सदस्यीय टीम जांच करने पहुंची थी सहायक औषधि नियंत्रक चुनेंद्र महतो के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम ने रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र के आशोचक चकरियापुर स्थित एक किराए के मकान में औचक छापेमारी की। मकान के निचले हिस्से में बने गोदाम से भारी मात्रा में कोडीन कफ सिरप, इंजेक्शन और अन्य प्रतिबंधित दवाएं बरामद हुईं।
औषधि नियंत्रण अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में दस्तावेजों में अनियमितता और फर्जी कागजात के इस्तेमाल के संकेत मिले हैं। गिरोह से जुड़ा एक ऑटो चालक फरार बताया जा रहा है। इस मामले में मकान मालिक अनिमेश कुमार, रोहित कुमार, देवघर कुमार और कुमार गौतम के खिलाफ रामकृष्ण नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। फर्जी दस्तावेजों से बड़ी मात्रा में कफ सिरप की आपूर्ति करता था जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह गिरोह फर्जी दस्तावेजों के सहारे बड़ी मात्रा में कफ सिरप की आपूर्ति कर अवैध कमाई कर रहा था। प्राथमिक जानकारी से पता चला है कि पटना से बेतिया, कटिहार, पूर्णिया, मोतिहारी और दरभंगा सहित कई जिलों में इन दवाओं की सप्लाई की जाती थी। गिरोह के तार अंतरराज्यीय स्तर तक जुड़े होने की आशंका है, और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने आधा दर्जन अन्य संदिग्धों की पहचान की है और उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
छापेमारी का नेतृत्व चुनेंद्र महतो के अलावा ड्रग इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार, यशवंत झा, कयामुद्दीन अंसारी और स्वेता सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।
औषधि नियंत्रण प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। वहीं पुलिस का कहना है कि नेटवर्क के सरगना की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। पटना में औषधि नियंत्रण प्रशासन ने नशीली दवाओं के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। सोमवार शाम रामकृष्ण नगर इलाके में की गई छापेमारी में करीब 19 लाख रुपये के नशीले इंजेक्शन, कोडीनयुक्त कफ सिरप और प्रतिबंधित टैबलेट जब्त किए गए। पुलिस ने गोदाम को सील कर दिया है और चार आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पांच सदस्यीय टीम जांच करने पहुंची थी सहायक औषधि नियंत्रक चुनेंद्र महतो के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम ने रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र के आशोचक चकरियापुर स्थित एक किराए के मकान में औचक छापेमारी की। मकान के निचले हिस्से में बने गोदाम से भारी मात्रा में कोडीन कफ सिरप, इंजेक्शन और अन्य प्रतिबंधित दवाएं बरामद हुईं।
औषधि नियंत्रण अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में दस्तावेजों में अनियमितता और फर्जी कागजात के इस्तेमाल के संकेत मिले हैं। गिरोह से जुड़ा एक ऑटो चालक फरार बताया जा रहा है। इस मामले में मकान मालिक अनिमेश कुमार, रोहित कुमार, देवघर कुमार और कुमार गौतम के खिलाफ रामकृष्ण नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। फर्जी दस्तावेजों से बड़ी मात्रा में कफ सिरप की आपूर्ति करता था जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह गिरोह फर्जी दस्तावेजों के सहारे बड़ी मात्रा में कफ सिरप की आपूर्ति कर अवैध कमाई कर रहा था। प्राथमिक जानकारी से पता चला है कि पटना से बेतिया, कटिहार, पूर्णिया, मोतिहारी और दरभंगा सहित कई जिलों में इन दवाओं की सप्लाई की जाती थी। गिरोह के तार अंतरराज्यीय स्तर तक जुड़े होने की आशंका है, और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने आधा दर्जन अन्य संदिग्धों की पहचान की है और उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
छापेमारी का नेतृत्व चुनेंद्र महतो के अलावा ड्रग इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार, यशवंत झा, कयामुद्दीन अंसारी और स्वेता सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।
औषधि नियंत्रण प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। वहीं पुलिस का कहना है कि नेटवर्क के सरगना की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।


