रजौली अनुमंडल क्षेत्र में वार्षिक माध्यमिक (सैद्धांतिक) परीक्षा-2026 के दौरान निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। यह आदेश 17 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा। इसका उद्देश्य परीक्षा केंद्रों पर विधि-व्यवस्था बनाए रखना है। परीक्षा 17 फरवरी 2026 से शुरू होकर 25 फरवरी 2026 तक दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 09:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 02:00 बजे से शाम 05:15 बजे तक चलेगी। रजौली अनुमंडल मुख्यालय में कुल 07 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। अनुमंडल दंडाधिकारी, रजौली, स्वतंत्र कुमार सुमन (बि०प्र०से०) ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत इन शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह निषेधाज्ञा जारी की है। यह निर्णय परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़-भाड़ की प्रबल संभावना को देखते हुए लिया गया है। निषेधाज्ञा के तहत, सभी परीक्षा केंद्रों के 500 गज की परिधि में किसी भी व्यक्ति को अस्त्र-शस्त्र, हथियार, लाठी, गड़ासा, बरछा, फलसा, चाकू, छुरा, विस्फोटक पदार्थ और अग्नेयास्त्र लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी। इसके अतिरिक्त, परीक्षा केंद्रों के 500 गज के दायरे में किसी भी सार्वजनिक या निजी स्थान पर मटरगश्ती करना, परीक्षा से संबंधित कोई भी कागज या सामग्री वितरित करना, या ऐसे अन्य कार्य-कलापों में संलग्न होना जिससे परीक्षा के संचालन या उसकी गोपनीयता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े, वर्जित रहेगा। हालांकि, परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के सद्भावी कार्य-कलापों पर यह लागू नहीं होगा। इसी परिधि में, झगड़ा या लोक-शांति भंग करने के उद्देश्य से 05 या उससे अधिक व्यक्तियों का एकत्र होना भी प्रतिबंधित है। साथ ही, निषेधाज्ञा दायरे के अंतर्गत या परीक्षार्थियों को सुनाई पड़ने की दूरी के भीतर ध्वनि-विस्तारक यंत्रों का प्रयोग भी वर्जित रहेगा। रजौली अनुमंडल क्षेत्र में वार्षिक माध्यमिक (सैद्धांतिक) परीक्षा-2026 के दौरान निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। यह आदेश 17 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा। इसका उद्देश्य परीक्षा केंद्रों पर विधि-व्यवस्था बनाए रखना है। परीक्षा 17 फरवरी 2026 से शुरू होकर 25 फरवरी 2026 तक दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 09:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 02:00 बजे से शाम 05:15 बजे तक चलेगी। रजौली अनुमंडल मुख्यालय में कुल 07 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। अनुमंडल दंडाधिकारी, रजौली, स्वतंत्र कुमार सुमन (बि०प्र०से०) ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत इन शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह निषेधाज्ञा जारी की है। यह निर्णय परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़-भाड़ की प्रबल संभावना को देखते हुए लिया गया है। निषेधाज्ञा के तहत, सभी परीक्षा केंद्रों के 500 गज की परिधि में किसी भी व्यक्ति को अस्त्र-शस्त्र, हथियार, लाठी, गड़ासा, बरछा, फलसा, चाकू, छुरा, विस्फोटक पदार्थ और अग्नेयास्त्र लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी। इसके अतिरिक्त, परीक्षा केंद्रों के 500 गज के दायरे में किसी भी सार्वजनिक या निजी स्थान पर मटरगश्ती करना, परीक्षा से संबंधित कोई भी कागज या सामग्री वितरित करना, या ऐसे अन्य कार्य-कलापों में संलग्न होना जिससे परीक्षा के संचालन या उसकी गोपनीयता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े, वर्जित रहेगा। हालांकि, परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के सद्भावी कार्य-कलापों पर यह लागू नहीं होगा। इसी परिधि में, झगड़ा या लोक-शांति भंग करने के उद्देश्य से 05 या उससे अधिक व्यक्तियों का एकत्र होना भी प्रतिबंधित है। साथ ही, निषेधाज्ञा दायरे के अंतर्गत या परीक्षार्थियों को सुनाई पड़ने की दूरी के भीतर ध्वनि-विस्तारक यंत्रों का प्रयोग भी वर्जित रहेगा।


