बरेली में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी बैंक खाता खोलने का मामला सामने आया है। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के मोहन उदयपुर खास निवासी उदय सागर के नाम पर यह खाता खोला गया, जिसमें संदिग्ध लेनदेन किए गए। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित उदय सागर ने बताया कि उनकी मुलाकात मोनू कश्यप नामक युवक से पंडितजी शील चौराहे की एक चाय की दुकान पर हुई थी। मोनू ने उन्हें बरेली नगर निगम में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। आवेदन प्रक्रिया के बहाने उसने उदय सागर से आधार और पैन कार्ड ले लिए, मोबाइल से उनकी तस्वीरें खींचीं और एक दुकान पर अंगूठा भी लगवाया। इसके बाद आरोपी मोनू कश्यप अचानक संपर्क से बाहर हो गया। दिसंबर 2025 में लखनऊ क्राइम ब्रांच की एक टीम उदय सागर के घर पहुंची। टीम ने उनके नाम से खुले बैंक खाते में हुए संदिग्ध लेनदेन के बारे में पूछताछ की। इस दौरान उदय सागर को पता चला कि उनके खाते से कई बार बड़ी रकम जमा और निकाली गई है। अगले दिन, पीड़ित उदय सागर ने राजेंद्र नगर स्थित केनरा बैंक शाखा पहुंचकर जांच की। बैंक ने पुष्टि की कि उनके नाम से एक खाता खुला है, जिसमें एक अज्ञात मोबाइल नंबर दर्ज है। इस जानकारी से उदय सागर को अपने दस्तावेजों के दुरुपयोग का संदेह हुआ। जब पीड़ित भोजीपुरा थाना क्षेत्र के मार्डन विलेज घंघोरा पिपरिया गांव में आरोपी मोनू कश्यप के घर पहुंचा, तो पता चला कि वह फरार हो चुका है। आरोप है कि आरोपी ने एटीएम कार्ड अपने पास रखकर फर्जी लेनदेन किए और पीड़ित को कानूनी मुश्किलों में फंसाने की साजिश रची। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर प्रेमनगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस अब बैंक ट्रांजैक्शन विवरण, संबंधित मोबाइल नंबर और केवाईसी दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है ताकि आरोपी को पकड़ा जा सके।


