रायपुर नगर निगम ने बकाया वसूली अभियान में सख्त कार्रवाई करते हुए 7 दुकानों को सील कर दिया। निगम आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर राजस्व और बाजार विभाग की टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में दबिश दी। टीम ने आरडीए कॉलोनी, भाठागांव, मठपुरैना और आजाद मार्केट स्टेशन के सामने स्थित कुल 9 दुकानों पर बकाया वसूली अभियान चलाया। 5 लाख का चेक देकर बचा बरखा होटल 6 साल से करीब 19.22 लाख रुपए के बकायेदार बरखा होटल ने मौके पर ही 5 लाख रुपए का चेक निगम को सौंप दिया। वहीं 34,034 रुपए के एक अन्य बकायेदार ने पूरी रकम जमा कर सीलबंदी की कार्रवाई से खुद को बचा लिया। 7 दुकानों पर तत्काल सीलिंग बकाया राशि जमा नहीं करने पर 7 दुकानों को मौके पर ही सील कर दिया गया। इनमें आरडीए कॉलोनी, भाठागांव और आजाद मार्केट क्षेत्र की दुकानें शामिल हैं। संबंधित दुकानदारों पर 3 से 5 साल तक का बकाया लंबित था। निगम अधिकारियों ने साफ किया है कि राजस्व वसूली में अब किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। पिछले दिनों वीआईपी रोड पर हुई थी कार्रवाई इससे पहले जोन-10 की टीम ने संपत्तिकर बकाया नहीं चुकाने पर ‘लिविंग रूम कैफे’ को सील किया था। साथ ही 4 बड़े बकायेदारों से जुड़े 6 व्यावसायिक परिसरों पर भी ताला लगाया गया। यह कार्रवाई आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर की गई थी। अपर आयुक्त कृष्णा खटीक, उपायुक्त जागृति साहू और जोन-10 कमिश्नर विवेकानंद दुबे के मार्गदर्शन में राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की। करोड़ों का बकाया, नोटिस के बाद सख्ती राजस्व विभाग के मुताबिक संबंधित बकायेदारों को डिमांड बिल और अंतिम नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद टैक्स जमा नहीं किया गया। इसके बाद निगम ने सख्त कदम उठाते हुए सीलबंदी की कार्रवाई की। इन वार्डों में कार्रवाई कार्रवाई पंडित विद्याचरण शुक्ल वार्ड-50, बाबू जगजीवन राम वार्ड-53 और लेफ्टिनेंट अरविंद दीक्षित वार्ड-56 में की गई। वार्ड-50 में ज्योति केशवानी/केवलराम केशवानी पर करीब 79.23 लाख रुपए बकाया है। इसके अलावा वार्ड-53 में किशोर कुमार प्रिथवानी पर अलग-अलग मद में लाखों रुपए बकाया बताए गए हैं। वार्ड-56 में भी कर नहीं चुकाने पर एक प्रतिष्ठान को सील किया गया। आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
नगर निगम ने चेतावनी दी है कि बड़े बकायेदारों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। सभी 10 जोनों को निर्देश दिए गए हैं कि बड़े बकायेदारों को नोटिस जारी कर वसूली तेज की जाए।


