लंबे समय से रास्ते की समस्या से जूझ रहा अयोध्या के राजा दशरथ मेडिकल कॉलेज का प्रशासन अब मंडलीय ड्रग वेयर हाउस के बगल से वैकल्पिक रास्ते के इंतजाम में जुटा है। नए प्राचार्य डॉ. दिनेश सिंह मर्तोलिया ने इस संबंध में अपर निदेशक से मुलाकात की है। इसके बाद डीएम निखिल टीकाराम फुंडे ने इस मामले में हस्तक्षेप किया है। इससे समस्या के जल्द निस्तारण का दावा किया जा रहा है। पूर्व प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा ने डीआरटीबी सेंटर के बगल से बने चौड़े रास्ते को सीएमओ कार्यालय के बगल से जोड़कर वैकल्पिक रास्ता तैयार करने की कोशिश की थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के तत्कालीन अधिकारियों से सामंजस्य न बन पाने के कारण प्रस्ताव को अमली जामा नहीं पहनाया जा सका था। ओवरब्रिज के दोनों तरफ सर्विस लेन का संकरा रास्ता ही मौजूद है बताते चले कि मेडिकल कॉलेज दर्शननगर के सामने रेलवे ओवरब्रिज बनने व अकबरपुर हाईवे के फोरलेन बनने से अस्पताल तक पहुंच मार्ग संकरा हो गया है। यहां पहुंचने के लिए ओवरब्रिज के दोनों तरफ सर्विस लेन का संकरा रास्ता ही उपलब्ध है। उस पर विपरीत दिशा से आने वाले वाहन और ओवरब्रिज के नीचे बेतरतीब खड़े वाहनों से अक्सर जाम लग जाता है। एंबुलेंस समेत अन्य वाहनों को कॉलेज तक इमरजेंसी में पहुंचने में समस्या सर्विस लेन के उत्तर तरफ स्थित मेडिकल स्टोरों के सामने खड़े होने वाले वाहन भी जाम का कारण बनते हैं।
इन तमाम वजहों से एंबुलेंस समेत अन्य चार पहिया वाहनों को कॉलेज तक इमरजेंसी में पहुंचने में समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
नए प्राचार्य ने इस अधूरे प्रयास को पूरा करने का संकल्प लिया है। इस रास्ते के सामने बनी मंडलीय ड्रग वेयर हाउस की बाउंड्री में गेट लगवाकर वैकल्पिक रास्ता तैयार करने का प्रयास उन्होंने शुरू किया है। इसके लिए अपर निदेशक से मुलाकात करके समस्या के निस्तारण पर बीते दिनों चर्चा की गई है। प्राचार्य ने बताया कि इमरजेंसी में इस रास्ते से अस्पताल तक पहुंच सुगम हो सकेगी। अपर निदेशक से इसे लेकर सार्थक वार्ता हुई है। इसका प्रस्ताव तैयार कराकर डीएम को सौंपा जाएगा।


