आज के दौर में मोबाइल और सोशल मीडिया के जमाने में हर कोई कुछ न कुछ बोल रहा है, लिख रहा है, दिखा रहा है। हालांकि सही तरीके से बात रखना और बतौर कम्युनिकेटर अपनी जिम्मेदारी समझना सबसे ज्यादा जरूरी है। इसके साथ ही लगातार बदल रही तकनीक के दौर में खुद को अद्यतन रखना भी युवा कम्युनिकेटर के लिए बड़ी चुनौती है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (काशी प्रांत) की ओर से 30 दिन तक चली “संचार मीडिया इंटर्नशिप” में छात्र-छात्राओं को ऐसी ही तमाम महत्वपूर्ण बातों की जानकारी दी गई। इस इंटर्नशिप का समापन रविवार को प्रयागराज के वात्सल्य हॉस्पिटल में हुआ। इस एक महीने में युवाओं को सिर्फ थ्योरी नहीं पढ़ाई गई, बल्कि उन्हें सीधे प्रैक्टिकल के जरिए ग्राउंड जीरो पर उतरकर रियल टाइम सिचुएशन में खुद को साबित करने के नुस्खों से रूबरू कराया गया। क्या-क्या सिखाया गया तकनीक के इस्तेमाल के साथ स्किल्स भी बढ़ाएं इंटर्नशिप प्रभारी प्रियंका मिश्रा (फैकल्टी, सेंटर ऑफ मीडिया स्टडीज, इलाहाबाद विश्वविद्यालय) ने कहा कि मीडिया बहुत तेजी से बदल रहा है। तकनीक हर पल बदल रही है और ऐसे में खुद को साबित करना चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में एआई को समझना और सही तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल के साथ-साथ अपनी स्किल्स को भी बढ़ाना जरूरी है। जो ऐसा करेगा, वही इस फील्ड में टिक पाएगा। उधर विशिष्ट अतिथि कीर्तिका अग्रवाल (प्रदेश महामंत्री, भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा) ने कहा कि आज के युवाओं में क्षमता बहुत है। जरूरत है तो सिर्फ सही प्लेटफॉर्म और मार्गदर्शन की। इनको मिला बेस्ट इंटर्न अवॉर्ड गरिमा श्रीवास्तव, प्रबल प्रताप सिंह, सुधांशु तिवारी और ज्ञानेश्वर बक्सराय को “बेस्ट इंटर्न” का सम्मान दिया गया। बाकी सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम में शामिलअतिथियों ने छात्र-छात्राओं को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं भी दीं।


