संभल में भारतीय जनता पार्टी को एक ओर झटका लगा है। जिले के दलित नेता उमेशचंद्र दिवाकर ने 200 कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थाम लिया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी पर चंदौसी क्षेत्र का विकास न करने और व्यक्तिगत विकास करने का गंभीर आरोप लगाया है। यह सदस्यता ग्रहण बैठक सोमवार शाम 5 बजे जनपद संभल के बहजोई कस्बा क्षेत्र में आयोजित की गई। इस अवसर पर सपा जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी और राज्यसभा सांसद जावेद अली खान मौजूद थे। उमेशचंद्र दिवाकर ने बैठक को संबोधित करते हुए 2027 के चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने का संकल्प लिया। दिवाकर ने भाजपा की कथनी और करनी में अंतर बताते हुए कहा कि उन्हें यह बात देर से समझ आई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘2022 तक हर सर को छत’ देने के नारे का जिक्र करते हुए कहा कि आवास नहीं बने, ऐसे हजारों मुद्दे झूठे हैं। उन्होंने समाजवादी विचारधारा को अपनाने का कारण बताया कि यहां विकास की बात होती है, धर्म-जाति की नहीं। उन्होंने चंदौसी के विकास पर सवाल उठाते हुए कहा कि 40 साल के इतिहास में चंदौसी जैसी थी, वैसी ही है। अगर कोई अन्य मंत्री होता तो विकास हो गया होता। उन्होंने आसपास के क्षेत्रों से तुलना करते हुए कहा कि चंदौसी आज भी वही है जो 40 साल पहले थी। दिवाकर ने मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर मंत्री चाहतीं तो यहां कई डिग्री-कॉलेज बन जाते। उन्होंने यह भी पूछा कि जब यहां मेडिकल कॉलेज बनना था तो उसे संभल क्यों पहुंचाया गया, जबकि अब एम्स लाने की बात की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री केवल व्यक्तिगत विकास कर सकती हैं, और जो व्यक्तिगत विकास करेगा, जनता उसका साथ कभी नहीं देगी। आपको बता दें कि बीती 02 फरवरी को कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की मौजूदगी में बीजेपी की जिला मंत्री प्रो. मीनाक्षी सागर ने सदस्यता ली। बीजेपी छोड़ते समय उन्होंने संविधान, मजदूर, गरीब विरोधी होने का आरोप लगाया था। 15 दिन में दूसरे दलित नेता के पार्टी छोड़ने से संभल बीजेपी को बड़ा झटका लगा है।


