पीलीभीत। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय में तैनात एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर सरकारी धन में बड़ी हेराफेरी का सनसनीखेज आरोप लगा है। करीब एक करोड़ एक लाख रुपये की रकम अपनी पत्नी के खाते में ट्रांसफर करने के मामले में आरोपी कर्मचारी इल्हाम शम्सी और उसकी पत्नी अर्शी खातून के खिलाफ मुकदमा दर्ज होते ही दोनों फरार हो गए। पुलिस ने उनकी तलाश में बरेली, मुरादाबाद और संभल में दबिश की तैयारी तेज कर दी है।
डीआईओएस राजीव कुमार की ओर से कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जून 2024 से दिसंबर 2025 के बीच आरोपी दंपती के निजी खातों में करीब एक करोड़ एक लाख रुपये का लेनदेन हुआ। जांच में संदेह हुआ कि यह रकम डीआईओएस कार्यालय की सरकारी धनराशि से जुड़ी हो सकती है। मामला डीएम के संज्ञान में आने के बाद सख्ती बढ़ी और आरोपी कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। धोखाधड़ी, सरकारी धन हड़पने और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज होते ही इल्हाम शम्सी और उसकी पत्नी अर्शी खातून घर से गायब हो गए। पुलिस जब तक गिरफ्तारी के लिए पहुंचती, उससे पहले ही दोनों फरार हो चुके थे।
घर और ससुराल में दी गई दबिश
पुलिस टीमों ने बीसलपुर स्थित आरोपी के घर और शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला पंजाबियान में उसकी ससुराल पर दबिश दी। हालांकि, दोनों ही जगह आरोपी दंपती नहीं मिला। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी ने बरेली, मुरादाबाद और संभल की ओर रुख किया हो सकता है। इनपुट के आधार पर संबंधित जिलों में पुलिस टीमों को अलर्ट किया गया है और संभावित ठिकानों पर दबिश की तैयारी की जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तकनीकी और सर्विलांस मदद भी ली जा रही है।
अन्य कर्मचारियों पर भी गिर सकती है गाज
जिला प्रशासन इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से ले रहा है। बताया जा रहा है कि सिर्फ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही नहीं, बल्कि इस धनराशि के लेनदेन में संलिप्त अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। शासन स्तर पर मामले की रिपोर्ट भेज दी गई है और विधिक राय ली जा रही है। ऐसे में अन्य कर्मचारियों पर भी जल्द कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। कोतवाल सत्येंद्र कुमार ने बताया कि आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस हर संभावित एंगल पर जांच कर रही है और आर्थिक लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है।


