जहानाबाद में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन (भाकपा माले) की जिला इकाई ने सोमवार को एक विरोध मार्च निकाला। यह मार्च गोपालगंज न्यायालय द्वारा जितेंद्र पासवान सहित सात लोगों को सजा सुनाए जाने के विरोध में आयोजित किया गया था। विरोध प्रदर्शन में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल पार्टी कार्यालय से शुरू होकर यह मार्च अरवल मोड़ तक पहुंचा, जहां एक सभा का आयोजन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए, जिन्होंने हाथों में बैनर और झंडे लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यह न्यायिक कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है और पार्टी को कमजोर करने की एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। सरकार नेताओं को झूठे मुकदमों में फंसा रही सभा को संबोधित करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता रामाधार शर्मा ने कहा कि गोपालगंज न्यायालय का फैसला न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने इसे सत्ताधारी सरकार के दबाव में लिया गया निर्णय बताया और आरोप लगाया कि सरकार भाकपा माले के कार्यकर्ताओं और नेताओं को झूठे मुकदमों में फंसा रही है। शर्मा ने यह भी उल्लेख किया कि इससे पहले भी पार्टी के एक विधायक को साजिश के तहत सजा दिलाई गई थी, और अब उसी तरह की कार्रवाई फिर से दोहराई जा रही है। सड़क से संसद तक आंदोलन करेंगे तेज रामाधार शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने ऐसी कार्रवाई बंद नहीं की, तो पार्टी सड़क से लेकर संसद तक अपना आंदोलन तेज करेगी। उन्होंने दोहराया कि भाकपा माले अन्याय और दमन के खिलाफ हमेशा संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी। सभा में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी न्यायालय के इस फैसले पर सवाल उठाए और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को न्याय दिलाने की मांग की। कार्यक्रम के अंत में, पार्टी नेताओं ने घोषणा की कि आने वाले दिनों में जिला स्तर पर एक व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा और राज्यव्यापी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। यह विरोध मार्च शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसके दौरान प्रशासन भी सतर्क रहा। जहानाबाद में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन (भाकपा माले) की जिला इकाई ने सोमवार को एक विरोध मार्च निकाला। यह मार्च गोपालगंज न्यायालय द्वारा जितेंद्र पासवान सहित सात लोगों को सजा सुनाए जाने के विरोध में आयोजित किया गया था। विरोध प्रदर्शन में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल पार्टी कार्यालय से शुरू होकर यह मार्च अरवल मोड़ तक पहुंचा, जहां एक सभा का आयोजन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए, जिन्होंने हाथों में बैनर और झंडे लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यह न्यायिक कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है और पार्टी को कमजोर करने की एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। सरकार नेताओं को झूठे मुकदमों में फंसा रही सभा को संबोधित करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता रामाधार शर्मा ने कहा कि गोपालगंज न्यायालय का फैसला न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने इसे सत्ताधारी सरकार के दबाव में लिया गया निर्णय बताया और आरोप लगाया कि सरकार भाकपा माले के कार्यकर्ताओं और नेताओं को झूठे मुकदमों में फंसा रही है। शर्मा ने यह भी उल्लेख किया कि इससे पहले भी पार्टी के एक विधायक को साजिश के तहत सजा दिलाई गई थी, और अब उसी तरह की कार्रवाई फिर से दोहराई जा रही है। सड़क से संसद तक आंदोलन करेंगे तेज रामाधार शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने ऐसी कार्रवाई बंद नहीं की, तो पार्टी सड़क से लेकर संसद तक अपना आंदोलन तेज करेगी। उन्होंने दोहराया कि भाकपा माले अन्याय और दमन के खिलाफ हमेशा संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी। सभा में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी न्यायालय के इस फैसले पर सवाल उठाए और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को न्याय दिलाने की मांग की। कार्यक्रम के अंत में, पार्टी नेताओं ने घोषणा की कि आने वाले दिनों में जिला स्तर पर एक व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा और राज्यव्यापी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। यह विरोध मार्च शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसके दौरान प्रशासन भी सतर्क रहा।


