गोरखपुर में SSB के प्रशिक्षु ट्रेनिंग केन्द्र में रविवार को राजस्थान आर्म्ड कांस्टेबुलरी (RAC) के दूसरे बैच के रंगरूटों के बुनियादी ट्रेनिंग का औपचारिक शुभारंभ हुआ। हालांकि इनका प्री-इंडक्शन ट्रेनिंग 15 जनवरी से पहले ही शुरू हो चुका है। सशस्त्र सीमा बल और राजस्थान पुलिस के समन्वय से आयोजित यह ट्रेनिंग कार्यक्रम जवानों को आधुनिक चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। इस बैच में राजस्थान से आए 502 नव-चयनित आरक्षियों को शामिल किया गया है। सभी प्रशिक्षुओं को अगले 9 महीने तक कड़े अनुशासन और तय ट्रेनिंग कार्यक्रम के तहत तैयार किया जाएगा, ताकि वे अपने कर्तव्यों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें।
शस्त्र संचालन और आपदा प्रबंधन की दी जाएगी जानकारी
ट्रेनिंग के दौरान जवानों को शस्त्र संचालन, भारतीय न्याय संहिता, मानवाधिकार, भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही इन विषयों का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया जाएगा, जिससे जवानों की कार्यकुशलता बढ़ सके। जवानों की शारीरिक क्षमता को बेहतर बनाने के लिए नियमित आउटडोर ड्रिल कराई जाएगी। इसके साथ ही मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि जवान कठिन परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। ट्रेनिंग ही है कुशल पुलिसकर्मी की मजबूत नींव
उप महानिरीक्षक असेम हेमोचंद्रा ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि ट्रेनिंग ही एक कुशल और जिम्मेदार पुलिसकर्मी की मजबूत नींव होता है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर RTC अपनी गुणवत्तापूर्ण ट्रेनिंग के लिए जाना जाता है और यहां से ट्रेनिंग लेकर निकलने वाले जवान राजस्थान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करेंगे। उन्होंने बताया कि इस तरह के ट्रेनिंग कार्यक्रम दोनों बलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे भविष्य में संयुक्त रूप से कार्य करने में आसानी होती है। अधिकारी और प्रशिक्षक रहे मौजूद
इस अवसर पर RTC के द्वितीय कमान अधिकारी विवेक कुमार सिंह, उप कमांडेंट सुजीत कुमार, उप कमांडेंट जय प्रकाश आर्य, RTC के प्रशिक्षक तथा राजस्थान पुलिस के प्रशिक्षक मौजूद रहे।


