भागलपुर में श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की ओर से सोमवार को उप श्रम आयुक्त कार्यालय परिसर में एक दिवसीय ग्रामीण श्रमिक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य जिले के पंचायत स्तर तक श्रमिकों को सरकार की योजनाओं और श्रम कानूनों की जानकारी देना है। कार्यक्रम में भागलपुर प्रमंडल के उप-श्रम आयुक्त सुधांशु कुमार, श्रम अधीक्षक निखिल कुमार रंजन सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। प्रशिक्षण शिविर में जिले की 242 पंचायतों में से हर पंचायत से एक-एक श्रमिक प्रतिनिधि को आमंत्रित किया गया था। कुल करीब 250 प्रतिनिधियों ने प्रशिक्षण में भाग लिया। उप-श्रम आयुक्त सुधांशु कुमार ने कहा कि विभाग का लक्ष्य है कि पंचायत स्तर पर जागरूक प्रतिनिधि तैयार किए जाएं, जो गांवों में जाकर श्रमिकों को सरकारी योजनाओं, पंजीकरण प्रक्रिया, सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों और श्रम कानूनों की जानकारी दें। उन्होंने बताया कि कई बार जानकारी के अभाव में पात्र श्रमिक योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं। ऐसे में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जागरूकता बढ़ाने की दिशा में अहम पहल है। पंचायत क्षेत्रों में लोगों को योजनाओं से जोड़ने की अपील श्रम अधीक्षक निखिल कुमार रंजन ने श्रमिकों से अपील की कि वे अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में लौटकर अधिक से अधिक लोगों को विभागीय योजनाओं से जोड़ें। उन्होंने कहा कि सरकार असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के हित में कई योजनाएं चला रही है, जिनका लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। प्रशिक्षण के दौरान श्रमिकों को श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं, प्रवासी श्रमिक कल्याण कार्यक्रम, दुर्घटना सहायता, सामाजिक सुरक्षा और अन्य प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिनिधियों ने भी प्रशिक्षण सत्र में अपनी जिज्ञासाएं रखीं, जिनका अधिकारियों ने समाधान किया। शिविर के माध्यम से पंचायत स्तर पर श्रमिक जागरूकता अभियान को गति मिलने की उम्मीद जताई गई है। भागलपुर में श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की ओर से सोमवार को उप श्रम आयुक्त कार्यालय परिसर में एक दिवसीय ग्रामीण श्रमिक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य जिले के पंचायत स्तर तक श्रमिकों को सरकार की योजनाओं और श्रम कानूनों की जानकारी देना है। कार्यक्रम में भागलपुर प्रमंडल के उप-श्रम आयुक्त सुधांशु कुमार, श्रम अधीक्षक निखिल कुमार रंजन सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। प्रशिक्षण शिविर में जिले की 242 पंचायतों में से हर पंचायत से एक-एक श्रमिक प्रतिनिधि को आमंत्रित किया गया था। कुल करीब 250 प्रतिनिधियों ने प्रशिक्षण में भाग लिया। उप-श्रम आयुक्त सुधांशु कुमार ने कहा कि विभाग का लक्ष्य है कि पंचायत स्तर पर जागरूक प्रतिनिधि तैयार किए जाएं, जो गांवों में जाकर श्रमिकों को सरकारी योजनाओं, पंजीकरण प्रक्रिया, सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों और श्रम कानूनों की जानकारी दें। उन्होंने बताया कि कई बार जानकारी के अभाव में पात्र श्रमिक योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं। ऐसे में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जागरूकता बढ़ाने की दिशा में अहम पहल है। पंचायत क्षेत्रों में लोगों को योजनाओं से जोड़ने की अपील श्रम अधीक्षक निखिल कुमार रंजन ने श्रमिकों से अपील की कि वे अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में लौटकर अधिक से अधिक लोगों को विभागीय योजनाओं से जोड़ें। उन्होंने कहा कि सरकार असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के हित में कई योजनाएं चला रही है, जिनका लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। प्रशिक्षण के दौरान श्रमिकों को श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं, प्रवासी श्रमिक कल्याण कार्यक्रम, दुर्घटना सहायता, सामाजिक सुरक्षा और अन्य प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिनिधियों ने भी प्रशिक्षण सत्र में अपनी जिज्ञासाएं रखीं, जिनका अधिकारियों ने समाधान किया। शिविर के माध्यम से पंचायत स्तर पर श्रमिक जागरूकता अभियान को गति मिलने की उम्मीद जताई गई है।


