रोहतक जिले के गांव गांधरा निवासी ग्रामीण एक कंपनी मालिक द्वारा खेत में जाने वाला रास्ता रोकने और पानी का मोगा बंद करने को लेकर जिला परिषद सदस्य धीरज मलिक के साथ डीसी ऑफिस पहुंचे। ग्रामीणों ने डीसी को ज्ञापन देकर स्पष्ट कहा कि अगर उन्हें खेत में जाने का रास्ता और पानी का मोगा नहीं खोला गया तो वह आत्महत्या कर लेंगे। जिला परिषद के सदस्य धीरज मलिक ने बताया कि गांव गांधरा में दुल्हेड़ा माइनर से मोगा लगता है, जिसके साथ 6 हजार बीगा के करीब जमीन लगती है। 3 साल पहले एक कंपनी ने 250 बीगा जमीन खरीदी थी और लोगों का खेतों की तरफ आने जाने वाले रास्ते को ब्लॉक कर दिया। साथ ही पानी के मोगे को बांबू डालकर बंद कर दिया। डीसी को लिखित में दिया ज्ञापन, आत्महत्या के लिए मांगी जगह
जिला परिषद के सदस्य धीरज मलिक ने बताया कि कंपनी मालिक ने बिना किसी परमिशन के मोगा तोड़ दिया है। रास्ते में सरिए डाले हुए है जिसके कारण ट्रैक्टर के टायर भी खराब हो रहे है। लोगों को चोट भी लग रही है। ग्रामीणों ने डीसी को लिखित में दिया कि समाधान नहीं हुआ तो वह आत्महत्या कर लेंगे, उसके लिए जगह भी निर्धारित की जाए। कंपनी मालिक के हक में प्रशासन कर रहा बात
धीरज मलिक ने बताया कि कंपनी मालिक के खिलाफ कई बार शिकायत कर चुके है लेकिन प्रशासन भी कंपनी के हक में बात कर रहा है। खेतों में लगी ट्यूबवेल भी पानी न आने के कारण सूख गई हैं। दो खेत तो कंपनी के बीच में आ रहे है, जिनके चारों तरफ कंपनी ने चारदीवारी कर ली है। एक सप्ताह का दिया अल्टीमेटम
धीरज मलिक ने बताया कि कंपनी द्वारा रास्ता रोकने और पानी का मोगा बंद करने के कारण करीब 1500 से अधिक किसानों की जमीन प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह धरने पर बैठ जाएंगे।


