बैतूल के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस जयवंती हॉक्सर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (जेएच कॉलेज) में सोमवार से राज्य स्तरीय अंतरविश्वविद्यालय पिट्टू प्रतियोगिता शुरू हो गई है। तीन दिवसीय यह प्रतियोगिता 16 से 18 फरवरी तक आयोजित की जाएगी। महाविद्यालय के खेल परिसर में दोपहर 12 बजे प्रतियोगिता का उद्घाटन किया गया। इस आयोजन की जिम्मेदारी महाविद्यालय के शारीरिक शिक्षा एवं क्रीड़ा विभाग को सौंपी गई है। राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों से महिला और पुरुष वर्ग की टीमें इसमें हिस्सा ले रही हैं। कुल दस संभागों से टीमें बैतूल पहुंच चुकी हैं और विभिन्न मुकाबलों में प्रतिस्पर्धा करेंगी। वरिष्ठ क्रीड़ा अधिकारी डॉ. नीलिमा पीटर ने बताया कि प्रतियोगिता की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वहीं, प्राचार्य डॉ. मीनाक्षी चौबे ने कहा कि प्रतियोगिता के सफल संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। खेल टीमवर्क पर आधारित होता है
पिट्टू, जिसे सात पत्थर या लगोरी भी कहा जाता है, एक पारंपरिक भारतीय खेल है। इसमें सात छोटी सपाट पत्थरों को एक के ऊपर एक रखकर गिराया जाता है। एक टीम गेंद से पत्थरों को दोबारा जमाने की कोशिश करती है, जबकि दूसरी टीम उन्हें गेंद से आउट करने का प्रयास करती है। यह खेल चुस्ती, फुर्ती और टीमवर्क पर आधारित होता है। सरकार ने पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मलखंभ और पिट्टू जैसे खेलों को औपचारिक रूप से शामिल किया है। अब इन खेलों के लिए राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं, जिससे ग्रामीण और पारंपरिक खेलों को नई पहचान मिल रही है।


