बेतिया के सरिसवा बाजार में पुलिस ओपी (आउटपोस्ट) की स्थापना को लेकर चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने विधानसभा में सरकार के जवाब पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सरकार के इस तर्क को भ्रामक और वास्तविकता से परे बताया कि मझौलिया थाना से सरिसवा बाजार की दूरी मात्र 12 किलोमीटर है, इसलिए ओपी की आवश्यकता नहीं है। विधायक ने जोर देकर कहा कि कानून-व्यवस्था का आकलन दूरी से नहीं, बल्कि अपराध की स्थिति और क्षेत्रीय विस्तार से किया जाना चाहिए। मझौलिया थाना क्षेत्र में कुल 29 पंचायतें विधायक ने सदन को बताया कि मझौलिया थाना क्षेत्र में कुल 29 पंचायतें आती हैं, जिसका विस्तार एक छोर से दूसरे छोर तक 50 से 60 किलोमीटर तक है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक ओर बढ़या टोला, दूसरी ओर छौरया और तीसरी दिशा में श्रीपुर चौक जैसे दूरस्थ इलाके हैं। ऐसी स्थिति में, यदि गश्ती दल एक सिरे पर हो और घटना दूसरे सिरे पर घटित हो जाए, तो पुलिस को मौके पर पहुंचने में एक घंटे से अधिक का समय लग जाता है, जिससे अपराधी आसानी से फरार हो जाते हैं। प्रतिमाह 200 चोरी की घटनाएं दर्ज हो रही अभिषेक रंजन ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि जिले में प्रतिमाह लगभग 200 चोरी की घटनाएं दर्ज हो रही हैं, जिनमें से करीब 20 घटनाएं अकेले मझौलिया थाना क्षेत्र से संबंधित हैं। इसके अतिरिक्त, हर महीने तीन से चार शव मिलने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं, जो मौजूदा गश्ती व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रतिमाह 100 से अधिक एफआईआर दर्ज होती हैं, लेकिन अनुसंधान में देरी के कारण पीड़ितों को समय पर न्याय नहीं मिल पाता। इन गंभीर स्थितियों को देखते हुए, विधायक अभिषेक रंजन ने सरकार से सरिसवा बाजार में अविलंब स्थायी पुलिस ओपी की स्थापना करने, थाना क्षेत्र का पुनर्गठन करने और सीमावर्ती क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष पुलिस बल की तैनाती की मांग की। बेतिया के सरिसवा बाजार में पुलिस ओपी (आउटपोस्ट) की स्थापना को लेकर चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने विधानसभा में सरकार के जवाब पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सरकार के इस तर्क को भ्रामक और वास्तविकता से परे बताया कि मझौलिया थाना से सरिसवा बाजार की दूरी मात्र 12 किलोमीटर है, इसलिए ओपी की आवश्यकता नहीं है। विधायक ने जोर देकर कहा कि कानून-व्यवस्था का आकलन दूरी से नहीं, बल्कि अपराध की स्थिति और क्षेत्रीय विस्तार से किया जाना चाहिए। मझौलिया थाना क्षेत्र में कुल 29 पंचायतें विधायक ने सदन को बताया कि मझौलिया थाना क्षेत्र में कुल 29 पंचायतें आती हैं, जिसका विस्तार एक छोर से दूसरे छोर तक 50 से 60 किलोमीटर तक है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक ओर बढ़या टोला, दूसरी ओर छौरया और तीसरी दिशा में श्रीपुर चौक जैसे दूरस्थ इलाके हैं। ऐसी स्थिति में, यदि गश्ती दल एक सिरे पर हो और घटना दूसरे सिरे पर घटित हो जाए, तो पुलिस को मौके पर पहुंचने में एक घंटे से अधिक का समय लग जाता है, जिससे अपराधी आसानी से फरार हो जाते हैं। प्रतिमाह 200 चोरी की घटनाएं दर्ज हो रही अभिषेक रंजन ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि जिले में प्रतिमाह लगभग 200 चोरी की घटनाएं दर्ज हो रही हैं, जिनमें से करीब 20 घटनाएं अकेले मझौलिया थाना क्षेत्र से संबंधित हैं। इसके अतिरिक्त, हर महीने तीन से चार शव मिलने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं, जो मौजूदा गश्ती व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रतिमाह 100 से अधिक एफआईआर दर्ज होती हैं, लेकिन अनुसंधान में देरी के कारण पीड़ितों को समय पर न्याय नहीं मिल पाता। इन गंभीर स्थितियों को देखते हुए, विधायक अभिषेक रंजन ने सरकार से सरिसवा बाजार में अविलंब स्थायी पुलिस ओपी की स्थापना करने, थाना क्षेत्र का पुनर्गठन करने और सीमावर्ती क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष पुलिस बल की तैनाती की मांग की।


