महिलाओं को रोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सोमवार को ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राज्य की 25 लाख महिला लाभुकों के खाते में 10-10 हजार रुपए की दर से कुल 2500 करोड़ ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। भव्य राज्यस्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण नालंदा जिले के बिहारशरीफ स्थित हरदेव भवन सभागार में किया गया। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत नालंदा जिले की कुल 65,662 महिलाओं के खाते में 65 करोड़ 66 लाख 20 हजार रुपए की राशि ट्रांसफर की गई। योजना के प्रावधानों के अनुसार, राज्य के हर समुदाय और वर्ग के परिवारों की कम से कम एक महिला को अपना रोजगार शुरू करने के लिए यह आर्थिक सहायता दी जा रही है। अपनी पसंद का रोजगार या व्यवसाय शुरू करने के लिए लाभुकों को प्रारंभिक रूप से 10 हजार की सहायता राशि दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में इन महिलाओं के स्वरोजगार और उनकी प्रगति का आकलन करने के बाद उन्हें व्यवसाय के विस्तार के लिए 2 लाख रुपए तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने का भी प्रावधान किया गया है। ग्रामीण इलाकों में विशेष ‘हाट बाजार’ इसके अलावा, महिलाओं को उनके मनपसंद रोजगार के लिए सरकार की ओर से उचित प्रशिक्षण भी मुहैया कराया जाएगा। यह योजना पूरी तरह से सामुदायिक सहकारिता पर आधारित है। रोजगार शुरू करने से पहले सभी लाभुकों को स्थानीय स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जोड़ा जाएगा। ये स्थानीय समूह महिलाओं को सही रोजगार के चयन और उसे धरातल पर सफलतापूर्वक उतारने में हरसंभव मदद करेंगे। महिलाओं की ओर से तैयार किए गए उत्पादों की बिक्री में कोई परेशानी न हो, इसके लिए गांव से लेकर शहरों तक विशेष ‘हाट-बाजार’ भी विकसित किए जाएंगे। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे प्रशासन का मानना है कि स्वावलंबन और उद्यमिता पर केंद्रित इस योजना से न सिर्फ महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि राज्य और देश के आर्थिक विकास को भी एक नई दिशा मिलेगी। हरदेव भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में नालंदा के जिला पदाधिकारी(डीएम), उप विकास आयुक्त(डीडीसी), जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक, संचार प्रबंधक, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (डीपीआरओ) और आईटी मैनेजर सहित भारी संख्या में जीविका दीदी और अन्य जीविका कर्मी मौजूद रहे। महिलाओं को रोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सोमवार को ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राज्य की 25 लाख महिला लाभुकों के खाते में 10-10 हजार रुपए की दर से कुल 2500 करोड़ ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। भव्य राज्यस्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण नालंदा जिले के बिहारशरीफ स्थित हरदेव भवन सभागार में किया गया। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत नालंदा जिले की कुल 65,662 महिलाओं के खाते में 65 करोड़ 66 लाख 20 हजार रुपए की राशि ट्रांसफर की गई। योजना के प्रावधानों के अनुसार, राज्य के हर समुदाय और वर्ग के परिवारों की कम से कम एक महिला को अपना रोजगार शुरू करने के लिए यह आर्थिक सहायता दी जा रही है। अपनी पसंद का रोजगार या व्यवसाय शुरू करने के लिए लाभुकों को प्रारंभिक रूप से 10 हजार की सहायता राशि दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में इन महिलाओं के स्वरोजगार और उनकी प्रगति का आकलन करने के बाद उन्हें व्यवसाय के विस्तार के लिए 2 लाख रुपए तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने का भी प्रावधान किया गया है। ग्रामीण इलाकों में विशेष ‘हाट बाजार’ इसके अलावा, महिलाओं को उनके मनपसंद रोजगार के लिए सरकार की ओर से उचित प्रशिक्षण भी मुहैया कराया जाएगा। यह योजना पूरी तरह से सामुदायिक सहकारिता पर आधारित है। रोजगार शुरू करने से पहले सभी लाभुकों को स्थानीय स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जोड़ा जाएगा। ये स्थानीय समूह महिलाओं को सही रोजगार के चयन और उसे धरातल पर सफलतापूर्वक उतारने में हरसंभव मदद करेंगे। महिलाओं की ओर से तैयार किए गए उत्पादों की बिक्री में कोई परेशानी न हो, इसके लिए गांव से लेकर शहरों तक विशेष ‘हाट-बाजार’ भी विकसित किए जाएंगे। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे प्रशासन का मानना है कि स्वावलंबन और उद्यमिता पर केंद्रित इस योजना से न सिर्फ महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि राज्य और देश के आर्थिक विकास को भी एक नई दिशा मिलेगी। हरदेव भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में नालंदा के जिला पदाधिकारी(डीएम), उप विकास आयुक्त(डीडीसी), जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक, संचार प्रबंधक, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (डीपीआरओ) और आईटी मैनेजर सहित भारी संख्या में जीविका दीदी और अन्य जीविका कर्मी मौजूद रहे।


