हथियारों की बढ़ती होड़ के इस दौर में सभी देश तेज़ी से आगे बढ़ना चाहते हैं। चीन (China) भी इस होड़ में पीछे नहीं है और अपने हथियारों के जखीरे को बढ़ाने में लगा हुआ है। सिर्फ सामान्य और एडवांस हथियार ही नहीं, बल्कि परमाणु हथियारों के मामले में भी चीन पीछे नहीं है। चीन अपने परमाणु प्रोग्राम पर तेज़ी से काम कर रहा है। हाल ही में सैटेलाइट तस्वीरों से ‘ड्रैगन’ के खतरनाक प्लान का खुलासा हुआ है।
सिचुआन में परमाणु उत्पादन बढ़ा रहा है चीन
सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि चीन सिचुआन प्रांत में परमाणु उत्पादन बढ़ा रहा है। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि चीन अपने सिचुआन प्रांत के पहाड़ी इलाकों में गुप्त परमाणु सुविधाओं का तेज़ी से विस्तार कर रहा है। 2019 के बाद से चीन के परमाणु प्रोग्राम में तेज़ी आई है।
तेज़ी से काम कर रहे हैं वैज्ञानिक
सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि जितोंग घाटी में इंजीनियर नए बंकर, किलेबंद दीवारें और पाइपों से भरा कॉम्प्लेक्स बना रहे हैं। इनमें प्लूटोनियम कोर पर भी काम हो रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि वैज्ञानिएक उच्च विस्फोटकों के परीक्षण पर काम कर रहे हैं, जो परमाणु वॉरहेड में प्लूटोनियम को संपीड़ित करने के लिए जरूरी हैं। ये परीक्षण वॉरहेड डिजाइन को परफेक्ट बनाने में मदद करते हैं। वहीं पिंगटोंग घाटी में भी चीन परमाणु प्रोग्राम पर काम कर रहा है। इस जगह 360 फीट ऊंची वेंटिलेशन स्टैक, नई वेंट्स और हीट डिस्पर्सर लगाए गए हैं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह जगह प्लूटोनियम ‘पिट्स’ (वॉरहेड के धातु कोर) बनाने के लिए इस्तेमाल हो रही है। इसका डिज़ाइन अमेरिका के लॉस एलामोस लैब से मिलता-जुलता है।
भारत-अमेरिका की बढ़ सकती है टेंशन
चीन के तेज़ी से बढ़ रहे परमाणु प्रोग्राम से न सिर्फ उसकी सैन्य ताकत बढ़ेगी, बल्कि रणनीतिक ताकत भी बढ़ेगी। चीन के इस कदम से भारत (India) और अमेरिका (United States Of America) की टेंशन भी बढ़ सकती है। साथ ही ताइवान (Taiwan) की टेंशन बढ़ता भी तय है, क्योंकि पिछले कई महीनों से इस बात की अटकलें लगाई जा रही हैं कि चीन, ताइवान पर हमले की तैयारी कर रहा है।


