आगरा में खंदारी स्थित धोबी बगीची जमीन का विवाद बढ़ता जा रहा है। सोमवार को स्थानीय लोगों के साथ कांग्रेस नेता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने DM अरविंद मल्लपा बंगारी को ज्ञापन दिया। इस दौरान उन्होंने गांधी, आंबेडकर और मंदिर की जगह को छोड़ने की मांग की है। इसके बाद आंबेडकर और गांधी की प्रतीमा को नजर बंद और उखाड़ फेकने के आरोप लगाते हुए भूमाफियां के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा है। शहर अध्यक्ष अमित सिंह ने कहा-भूमाफिया के द्वारा रास्ता बंद कर दिया है। उस जगह से लोगों की आस्था जूड़ी हुई है। चार दिवार मे मंदिर बंद कर दिया है। आंबेडकर की प्रतीमा को नजर बंद कर दिया है। और गांधी प्रतीमा को उखाड़ फेंक दिया था। दो साल पुरानी बगीची है,जिलाधिकारी से कमेटी बनाने की मांग की है। जो केश जीता है वो घाटा संख्या गलत है, किसी दूसरी घाटा संख्या पर केश जीता है। हम मांग करते है इसकी जांच हो। पूरा मामला पढ़े… आगरा के खंदारी स्थित धोबी की बगीची में महाशिवरात्रि पर मंदिर में ताला लगाने का विरोध हुआ। पूजा करने आए लोगों ने इसका विरोध किया, लेकिन ताला नहीं खुला। इस पर लोगों की मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई और प्रदर्शन शुरू कर दिया। धीरे-धीरे प्रदर्शन उग्र हो गया, जिससे जिला प्रशासन को पीएसी बल बुलाना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने मंदिर का ताला खोलने और उन्हें रास्ता देने की मांग की। इससे खंदारी स्थित सड़कों पर जाम की स्थिति बन गई।स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस प्रशासन के समझाने के बाद करीब 4 घंटे बाद प्रदर्शनकारी वापस लौट गए। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश की और मंदिर का ताला खोलने और पूजा कराने का आश्वासन दिया। 2 तस्वीरें देखिए… विवादित जमीन है बता दें कि बगीची में लंबे समय से विवादित जगह पर डॉ. भीमराव अंबेडकर और गांधीजी की प्रतिमा लगी हुई थी। एक पक्ष के कोर्ट में जीत जाने के बाद उन्होंने अपना कब्जा ले लिया, जिससे दलित समाज में आक्रोश है। आज महाशिवरात्रि के दिन मंदिर को बाउंड्री के अंदर ताले में बंद कर दिया गया, जिससे लोग भड़क उठे। पूजा करने गए लोगों ने ताला लगा देख प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी संतुष्ट नहीं हैं। दलित समाज का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखेंगे। पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश की, लेकिन अभी तक स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन ने डॉ भीमराव अंबेडकर और महात्मा गांधी की प्रतिमा के लिए जगह छोड़ दी है, लेकिन मंदिर के लिए जगह नहीं छोड़ी गई है। शिवरात्रि पर पूजा करने गए लोगों ने कहा कि मंदिर के लिए भी जगह छोड़ी जाए, इस पर विवाद और बढ़ गया है।


