झांसी में रविवार को एक बड़ी लापरवाही सामने आई, जहां राष्ट्रीय लोकदल के एक वरिष्ठ पदाधिकारी को होटल के कर्मचारी ने अनजाने में सभागार के अंदर बंद कर दिया और वहां से चला गया। करीब 20 मिनट तक नेता अंदर ही फंसे रहे। घटना का वीडियो सोमवार को सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में नाराजगी देखी जा रही है।
दरअसल, शहर के वीरांगना होटल में राष्ट्रीय लोकदल का मंडलीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया था। इस सम्मेलन में जालौन जिले से अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय अध्यक्ष लियाकत अली भी शामिल हुए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद अधिकतर पदाधिकारी और कार्यकर्ता होटल से बाहर निकल गए, लेकिन दिव्यांग होने के कारण लियाकत अली पीछे रह गए।
होटल कर्मी को लगा कि सभागार पूरी तरह खाली हो चुका है, इसी गलतफहमी में उसने मेन गेट पर ताला डाल दिया। कुछ देर बाद जब लियाकत अली बाहर निकलने पहुंचे तो गेट पर ताला देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने कई बार आवाज लगाई, लेकिन आसपास कोई मौजूद नहीं था। करीब 20 मिनट तक वह अंदर ही फंसे रहे और मदद के लिए इधर-उधर भटकते रहे।
इस दौरान किसी तरह पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं को जानकारी मिली, जिसके बाद वे तुरंत होटल पहुंचे और ताला खुलवाया। बाहर आने के बाद लियाकत अली ने होटल स्टाफ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते जानकारी न मिलती तो बड़ा हादसा भी हो सकता था।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद होटल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। राष्ट्रीय लोकदल के नेताओं ने मांग की है कि होटल प्रबंधन इस मामले में जिम्मेदार कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करे।


