गोंडा जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित जीवनदीप चिकित्सालय पर इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगा है। पयागपुर निवासी 30 वर्षीय पूजा सिंह की ऑपरेशन से डिलीवरी के 5 बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। पूजा सिंह की मौत से पहले, इसी अस्पताल में 10 फरवरी को उनकी डिलीवरी हुई थी, जिसमें नवजात बच्चे की भी मौत हो गई थी। बच्चे की मौत के बाद पूजा सिंह की हालत बिगड़ गई थी, जिसके चलते पति सर्वेश सिंह ने उन्हें 5 दिनों से इसी अस्पताल में भर्ती कराया हुआ था। आज पूजा सिंह की मौत के बाद, परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। सूचना मिलने पर गोंडा नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका के देवर रामसिंह ने बताया कि उनकी भाभी का इलाज इसी अस्पताल में चल रहा था। 6 फरवरी को तबीयत खराब होने पर उन्हें भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद सामान्य स्थिति बताकर घर भेज दिया था। इसके बाद 10 फरवरी तक सुबह-शाम नियमित जांच और इंजेक्शन के लिए अस्पताल लाया जाता रहा। 10 फरवरी को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें रात में दोबारा भर्ती कराया गया। डिलीवरी के लिए ऑपरेशन किया गया, जिसमें डॉक्टरों ने बच्चे की मौत की जानकारी दी। बच्चे की मौत के बाद भी भाभी को अस्पताल में भर्ती रखा गया और बताया गया कि सब कुछ सामान्य है। 5 दिनों तक लगातार इलाज चलता रहा, लेकिन आज अचानक उनकी हालत गंभीर हो गई और उनकी मौत हो गई। रामसिंह ने आरोप लगाया कि यह सब डॉक्टरों की लापरवाही के कारण हुआ है। उन्होंने इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं जीवनदीप चिकित्सालय की डॉक्टर सुवर्णा कुमार ने बताया कि डॉक्टरों की कोई लापरवाही नहीं है उनकी तबीयत ज्यादा खराब थी और इसी के कारण उनकी मौत हो गई है। परिजन जो भी आरोप लगा रहे हैं पूरी तरीके से निराधार है किसी भी अस्पताल द्वारा कोई भी लापरवाही नहीं की जाती है कि उसके यहां किसी मरीज की मौत हो जाए। आगे परिजन आरोप लगाने के लिए स्वतंत्र हैं मेरा उसमें कुछ नहीं कहना है।


