पूर्णिया में चाइल्ड ट्रैफिकिंग से जुड़े एक मामले का खुलासा हुआ है। पश्चिम बंगाल और बिहार पुलिस की संयुक्त ऑपरेशन में 6 साल के एक मासूम बच्चे को सकुशल बरामद किया गया है। बच्चे को बंगाल के जलपाईगुड़ी से किडनैप किया गया और उसे पूर्णिया में बेचने की तैयारी थी। जलपाईगुड़ी के माल बाजार थाना क्षेत्र से 14 फरवरी को बच्चे का अपहरण कर लिया गया था। परिजनों के शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मोबाइल लोकेशन और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस को पता चला कि अपहरणकर्ता बच्चे को लेकर बिहार के पूर्णिया पहुंचा है। इसके बाद बंगाल पुलिस की एक टीम यहां पहुंची और स्थानीय पुलिस से मदद ली। संयुक्त रूप से छापेमारी की योजना बनाई गई। रविवार सुबह पुलिस ने शहर के ऐतिहासिक रंगभूमि मैदान में रेड मारा। यहां टेंट लगाकर जड़ी-बूटी बेचने वाले लोगों के बीच तलाशी ली गई। छापेमारी के दौरान एक टेंट में बच्चा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से सुरेश सिंह नाम के शख्स को गिरफ्तार किया। जो मूल रूप से मुजफ्फरनगर का रहने वाला है। पूर्णिया में टेंट लगाकर जड़ी-बूटी बेचता था। पूछताछ में सामने आया कि उसकी संतान नहीं थी और इसी वजह से उसने 1.50 लाख रुपए में बच्चे को खरीदने का सौदा किया था। अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी पुलिस के मुताबिक, अपहरणकर्ता ने पहले बच्चे को अगवा किया और फिर उसे बेच दिया। जब पुलिस टेंट पर पहुंची, उस समय आरोपी बच्चे के पास ही सोया हुआ था। पुलिस ने तुरंत बच्चे को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया और आरोपी को हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद पुलिस ने शहर के अन्य इलाकों जैसे पॉलिटेक्निक चौक और कई चौराहों पर चल रहे जड़ी-बूटी के ठिकानों पर भी जांच शुरू कर दी है। पुलिस ये पता लगाने में जुटी है कि कहीं इस तरह का कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है, जो बच्चों की खरीद-फरोख्त करता हो।फिलहाल कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। बच्चे को आवश्यक कागजी कार्रवाई के बाद उसके परिजनों के पास पश्चिम बंगाल भेजा जाएगा। इस कार्रवाई को लेकर पुलिस ने कहा है कि चाइल्ड ट्रैफिकिंग जैसे अपराधों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। पूर्णिया में चाइल्ड ट्रैफिकिंग से जुड़े एक मामले का खुलासा हुआ है। पश्चिम बंगाल और बिहार पुलिस की संयुक्त ऑपरेशन में 6 साल के एक मासूम बच्चे को सकुशल बरामद किया गया है। बच्चे को बंगाल के जलपाईगुड़ी से किडनैप किया गया और उसे पूर्णिया में बेचने की तैयारी थी। जलपाईगुड़ी के माल बाजार थाना क्षेत्र से 14 फरवरी को बच्चे का अपहरण कर लिया गया था। परिजनों के शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मोबाइल लोकेशन और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस को पता चला कि अपहरणकर्ता बच्चे को लेकर बिहार के पूर्णिया पहुंचा है। इसके बाद बंगाल पुलिस की एक टीम यहां पहुंची और स्थानीय पुलिस से मदद ली। संयुक्त रूप से छापेमारी की योजना बनाई गई। रविवार सुबह पुलिस ने शहर के ऐतिहासिक रंगभूमि मैदान में रेड मारा। यहां टेंट लगाकर जड़ी-बूटी बेचने वाले लोगों के बीच तलाशी ली गई। छापेमारी के दौरान एक टेंट में बच्चा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से सुरेश सिंह नाम के शख्स को गिरफ्तार किया। जो मूल रूप से मुजफ्फरनगर का रहने वाला है। पूर्णिया में टेंट लगाकर जड़ी-बूटी बेचता था। पूछताछ में सामने आया कि उसकी संतान नहीं थी और इसी वजह से उसने 1.50 लाख रुपए में बच्चे को खरीदने का सौदा किया था। अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी पुलिस के मुताबिक, अपहरणकर्ता ने पहले बच्चे को अगवा किया और फिर उसे बेच दिया। जब पुलिस टेंट पर पहुंची, उस समय आरोपी बच्चे के पास ही सोया हुआ था। पुलिस ने तुरंत बच्चे को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया और आरोपी को हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद पुलिस ने शहर के अन्य इलाकों जैसे पॉलिटेक्निक चौक और कई चौराहों पर चल रहे जड़ी-बूटी के ठिकानों पर भी जांच शुरू कर दी है। पुलिस ये पता लगाने में जुटी है कि कहीं इस तरह का कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है, जो बच्चों की खरीद-फरोख्त करता हो।फिलहाल कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। बच्चे को आवश्यक कागजी कार्रवाई के बाद उसके परिजनों के पास पश्चिम बंगाल भेजा जाएगा। इस कार्रवाई को लेकर पुलिस ने कहा है कि चाइल्ड ट्रैफिकिंग जैसे अपराधों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।


