राजधानी के पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में इलाज व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अस्पताल के हड्डी रोग विभाग को जल्द ही तीन एनेस्थेशिया वर्क स्टेशन मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। इन मशीनों के आने से जटिल सर्जरी के दौरान मरीजों को बेहोश करने की प्रक्रिया सुगम होगी और ऑपरेशन की लंबी वेटिंग लिस्ट में भी कमी आएगी। एक साथ कई ऑपरेशन टेबल होंगे संचालित अभी तक हड्डी रोग विभाग में एनेस्थेशिया वर्क स्टेशन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण एक साथ कई ऑपरेशन करना संभव नहीं हो पाता था। खासकर जटिल ऑर्थोपेडिक सर्जरी के दौरान एनेस्थेशिया देने में तकनीकी दिक्कतें आती थीं, जिससे ऑपरेशन की गति प्रभावित होती थी। नई व्यवस्था के बाद विभाग में एक साथ कई ऑपरेशन टेबल संचालित किए जा सकेंगे, जिससे मरीजों को समय पर सर्जरी की सुविधा मिलेगी। नए अस्पताल भवन में शिफ्ट होगा गायनेकोलॉजी विभाग अगले सप्ताह से गायनेकोलॉजी विभाग को नए अस्पताल भवन में शिफ्ट किया जाएगा। नए भवन में अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की व्यवस्था की गई है, जहां सभी उपकरण नए लगाए गए हैं। ऐसे में पुराने ओटी में उपयोग हो रहे एनेस्थेशिया वर्क स्टेशन को हड्डी रोग विभाग को हस्तांतरित कर दिया जाएगा। अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि, ‘शिशु वार्ड और स्त्री एवं प्रसूति विभाग को नए ब्लॉक में शिफ्ट करने की प्रक्रिया जारी है। जिन उपकरणों की अस्पताल को आवश्यकता है, उन्हें सुरक्षित रखा जा रहा है, जबकि शेष सामान को हटाने के लिए बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआईसीएल) को निर्देश दिया गया है।’ आधुनिक सुविधाओं से लैस है नया अस्पताल भवन BMSICL के अधिकारियों के अनुसार, नए भवन में सभी उपकरण नए लगाए गए हैं, जिनमें ओटी, रेडियोलॉजी और विभिन्न जांच मशीनें शामिल हैं। पुराने वार्ड जैसे टाटा वार्ड, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, हथुआ वार्ड, चर्म रोग एवं रति रोग विभाग, गुजरी और एलएस वार्ड को नए ब्लॉक में शिफ्ट किया जाएगा। इसके बाद 500 से अधिक बेड खाली हो गए हैं, जिन्हें अन्य अस्पतालों को भेजा जाएगा। इन बेड, टेबल, कुर्सियों, उपकरण और अन्य उपयोगी सामान को अब अन्य सरकारी अस्पतालों में भेजा जाएगा, ताकि वहां की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया जा सके।
नई मशीनों और बेहतर संसाधनों के साथ पीएमसीएच में मरीजों को न केवल समय पर ऑपरेशन की सुविधा मिलेगी, बल्कि इलाज की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। राजधानी के पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में इलाज व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अस्पताल के हड्डी रोग विभाग को जल्द ही तीन एनेस्थेशिया वर्क स्टेशन मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। इन मशीनों के आने से जटिल सर्जरी के दौरान मरीजों को बेहोश करने की प्रक्रिया सुगम होगी और ऑपरेशन की लंबी वेटिंग लिस्ट में भी कमी आएगी। एक साथ कई ऑपरेशन टेबल होंगे संचालित अभी तक हड्डी रोग विभाग में एनेस्थेशिया वर्क स्टेशन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण एक साथ कई ऑपरेशन करना संभव नहीं हो पाता था। खासकर जटिल ऑर्थोपेडिक सर्जरी के दौरान एनेस्थेशिया देने में तकनीकी दिक्कतें आती थीं, जिससे ऑपरेशन की गति प्रभावित होती थी। नई व्यवस्था के बाद विभाग में एक साथ कई ऑपरेशन टेबल संचालित किए जा सकेंगे, जिससे मरीजों को समय पर सर्जरी की सुविधा मिलेगी। नए अस्पताल भवन में शिफ्ट होगा गायनेकोलॉजी विभाग अगले सप्ताह से गायनेकोलॉजी विभाग को नए अस्पताल भवन में शिफ्ट किया जाएगा। नए भवन में अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की व्यवस्था की गई है, जहां सभी उपकरण नए लगाए गए हैं। ऐसे में पुराने ओटी में उपयोग हो रहे एनेस्थेशिया वर्क स्टेशन को हड्डी रोग विभाग को हस्तांतरित कर दिया जाएगा। अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि, ‘शिशु वार्ड और स्त्री एवं प्रसूति विभाग को नए ब्लॉक में शिफ्ट करने की प्रक्रिया जारी है। जिन उपकरणों की अस्पताल को आवश्यकता है, उन्हें सुरक्षित रखा जा रहा है, जबकि शेष सामान को हटाने के लिए बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआईसीएल) को निर्देश दिया गया है।’ आधुनिक सुविधाओं से लैस है नया अस्पताल भवन BMSICL के अधिकारियों के अनुसार, नए भवन में सभी उपकरण नए लगाए गए हैं, जिनमें ओटी, रेडियोलॉजी और विभिन्न जांच मशीनें शामिल हैं। पुराने वार्ड जैसे टाटा वार्ड, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, हथुआ वार्ड, चर्म रोग एवं रति रोग विभाग, गुजरी और एलएस वार्ड को नए ब्लॉक में शिफ्ट किया जाएगा। इसके बाद 500 से अधिक बेड खाली हो गए हैं, जिन्हें अन्य अस्पतालों को भेजा जाएगा। इन बेड, टेबल, कुर्सियों, उपकरण और अन्य उपयोगी सामान को अब अन्य सरकारी अस्पतालों में भेजा जाएगा, ताकि वहां की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया जा सके।
नई मशीनों और बेहतर संसाधनों के साथ पीएमसीएच में मरीजों को न केवल समय पर ऑपरेशन की सुविधा मिलेगी, बल्कि इलाज की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।


