बिहार में शराबबंदी लागू है, लेकिन इसके बावजूद तस्करों की गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। इसी कड़ी में उत्पाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गुठनी चेक पोस्ट पर एक दस चक्का कंटेनर से भारी मात्रा में शराब बरामद की। टीम ने मौके से एक तस्कर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। बरामद शराब की मात्रा 4295.160 लीटर बताई जा रही है, जिसकी बाजार कीमत लाखों में आंकी जा रही है। गुप्त सूचना पर लगा बड़ा खुलासा उत्पाद विभाग को कुछ दिनों से जानकारी मिल रही थी कि उत्तर प्रदेश मार्ग से अवैध शराब की बड़ी खेप बिहार में प्रवेश करने वाली है। इसके बाद टीम ने गुठनी चेक पोस्ट पर विशेष अभियान चलाते हुए सभी बड़े वाहनों की जांच शुरू की। कंटेनर में छिपाकर लाई जा रही थी विदेशी शराब तलाशी के दौरान कंटेनर के अंदर बड़े पैमाने पर विदेशी शराब की खेप छिपाई हुई मिली। अधिकारियों ने बताया कि शराब को इस तरह पैक किया गया था कि सामान्य जांच में पकड़ में न आए। पकड़े गए तस्कर की पहचान पशुपतिनाथ सहनी, निवासी—केरमा डीह, थाना कुरानी, जिला मुजफ्फरपुर—के रूप में हुई है। वह उसी कंटेनर का चालक भी था। उत्पाद सदर थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर अंकेश कुमार ने बताया कि पूरे कंटेनर को सीज कर लिया गया है और बरामद शराब को जब्त कर कोषागार भेजा जा रहा है। अंबाला से लाई जा रही थी शराब प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बड़ा खुलासा किया है। उसने बताया कि यह शराब अंबाला (हरियाणा) से लोड की गई थी और इसे सीवान के रास्ते बिहार के विभिन्न जिलों में सप्लाई करने की योजना थी। उत्पाद विभाग का मानना है कि इस खेप के पीछे संगठित नेटवर्क सक्रिय है, जो राज्य में बड़े पैमाने पर शराब की तस्करी कर रहा है। अन्य तस्करों की तलाश में छापेमारी शुरू उत्पाद विभाग ने आरोपी से आई जानकारी के आधार पर कई संभावित स्थानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कई और लोग इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं और जल्द बड़ी कार्रवाई की उम्मीद है। विभाग का यह भी मानना है कि यूपी और हरियाणा से बिहार में अवैध ढंग से शराब भेजने के लिए लगातार नए तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। शराबबंदी के बाद भी नहीं थम रही तस्करी बिहार में शराबबंदी कानून साल 2016 से लागू है, लेकिन इसके बावजूद तस्करी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उत्पाद विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती इलाकों में सघन गश्त और चेकिंग के बावजूद तस्कर नए-नए रास्तों और तरीकों का सहारा ले रहे हैं। हाल की इस कार्रवाई को उत्पाद विभाग ने बड़ी सफलता करार दिया है। अधिकारियों ने कहा कि शराब तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। बिहार में शराबबंदी लागू है, लेकिन इसके बावजूद तस्करों की गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। इसी कड़ी में उत्पाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गुठनी चेक पोस्ट पर एक दस चक्का कंटेनर से भारी मात्रा में शराब बरामद की। टीम ने मौके से एक तस्कर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। बरामद शराब की मात्रा 4295.160 लीटर बताई जा रही है, जिसकी बाजार कीमत लाखों में आंकी जा रही है। गुप्त सूचना पर लगा बड़ा खुलासा उत्पाद विभाग को कुछ दिनों से जानकारी मिल रही थी कि उत्तर प्रदेश मार्ग से अवैध शराब की बड़ी खेप बिहार में प्रवेश करने वाली है। इसके बाद टीम ने गुठनी चेक पोस्ट पर विशेष अभियान चलाते हुए सभी बड़े वाहनों की जांच शुरू की। कंटेनर में छिपाकर लाई जा रही थी विदेशी शराब तलाशी के दौरान कंटेनर के अंदर बड़े पैमाने पर विदेशी शराब की खेप छिपाई हुई मिली। अधिकारियों ने बताया कि शराब को इस तरह पैक किया गया था कि सामान्य जांच में पकड़ में न आए। पकड़े गए तस्कर की पहचान पशुपतिनाथ सहनी, निवासी—केरमा डीह, थाना कुरानी, जिला मुजफ्फरपुर—के रूप में हुई है। वह उसी कंटेनर का चालक भी था। उत्पाद सदर थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर अंकेश कुमार ने बताया कि पूरे कंटेनर को सीज कर लिया गया है और बरामद शराब को जब्त कर कोषागार भेजा जा रहा है। अंबाला से लाई जा रही थी शराब प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बड़ा खुलासा किया है। उसने बताया कि यह शराब अंबाला (हरियाणा) से लोड की गई थी और इसे सीवान के रास्ते बिहार के विभिन्न जिलों में सप्लाई करने की योजना थी। उत्पाद विभाग का मानना है कि इस खेप के पीछे संगठित नेटवर्क सक्रिय है, जो राज्य में बड़े पैमाने पर शराब की तस्करी कर रहा है। अन्य तस्करों की तलाश में छापेमारी शुरू उत्पाद विभाग ने आरोपी से आई जानकारी के आधार पर कई संभावित स्थानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कई और लोग इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं और जल्द बड़ी कार्रवाई की उम्मीद है। विभाग का यह भी मानना है कि यूपी और हरियाणा से बिहार में अवैध ढंग से शराब भेजने के लिए लगातार नए तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। शराबबंदी के बाद भी नहीं थम रही तस्करी बिहार में शराबबंदी कानून साल 2016 से लागू है, लेकिन इसके बावजूद तस्करी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उत्पाद विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती इलाकों में सघन गश्त और चेकिंग के बावजूद तस्कर नए-नए रास्तों और तरीकों का सहारा ले रहे हैं। हाल की इस कार्रवाई को उत्पाद विभाग ने बड़ी सफलता करार दिया है। अधिकारियों ने कहा कि शराब तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।


