मुंगेर रविवार को महाशिवरात्रि की भक्ति में डूबा रहा। महाशिवरात्रि सांस्कृतिक महोत्सव समिति द्वारा भगवान शिव की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसने पूरे शहर को शिवमय कर दिया। मनकेश्वर नाथ महादेव कमेटी और शिव–पार्वती सेवा दल के संयुक्त तत्वावधान में निकली यह शोभायात्रा शहर के कोने–कोने से गुजरती हुई आकर्षण का केंद्र बनी रही। गांधी चौक पर जनप्रतिनिधियों ने किया उद्घाटन शोभायात्रा का उद्घाटन गांधी चौक पर किया गया। विधायक प्रणव कुमार, मेयर कुमकुम देवी, उपमहापौर खालिद हुसैन और सदर एसडीओ शैलेंद्र कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से फीता काटकर यात्रा की शुरुआत करवाई। कार्यक्रम का नेतृत्व मनकेश्वर नाथ महादेव मंदिर के संस्थापक कमल कुमार कमल कर रहे थे। कृष्णापुरी परमेश्वर नाथ मंदिर से हुई शुरुआत शोभायात्रा कृष्णापुरी स्थित परमेश्वर नाथ महादेव मंदिर से आरंभ हुई। इसके बाद यह शहर के मुख्य बाजार, गांधी चौक, बाटा चौक, राजीव गांधी चौक, बड़ी बाजार, कस्तूरबा वाटर, कौड़ा मैदान, शादीपुर होते हुए बेकापुर पहुंची। अंतिम पड़ाव मनकेश्वर नाथ महादेव मंदिर रहा, जहां शोभायात्रा का विधिवत समापन किया गया। 2 किलोमीटर लंबी झांकी लाइन, 70 थीम पर आधारित प्रस्तुतियां इस बार शोभायात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण करीब 2 किलोमीटर लंबी झांकी लाइन रही। लगभग 70 झांकियों में धार्मिक, ऐतिहासिक, पौराणिक, राष्ट्रीय और सामाजिक विषयों को बड़ी ही खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया। भगवान शिव–पार्वती, गणेश, कार्तिकेय, राम–सीता, श्रीकृष्ण–राधा, महासुर–वध, समुद्र मंथन, राष्ट्रभक्ति, स्वच्छता और नशामुक्ति जैसे विषयों पर तैयार झांकियों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। निर्णायक मंडल में कौशल किशोर पाठक, चंदूजी, दिलीप सर्राफ और विष्णु कुमार मौजूद थे, जो अलग-अलग थीम और प्रस्तुति का मूल्यांकन करते रहे। सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, दोपहर से लगी भीड़ शोभायात्रा को देखने के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। दोपहर एक बजे से ही लोग सड़कों पर पहुंचने लगे थे। जैसे-जैसे झांकियां आगे बढ़ती गईं, भीड़ का आकार बढ़ता गया। शाम होते-होते दर्शकों की संख्या एक लाख से अधिक पहुंच गई। बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग हाथों में मोबाइल कैमरा लिए झांकियों को कैद करते नजर आए। जगह-जगह श्रद्धालु “हर हर महादेव” के जयकारों से माहौल को शिवमय बनाते रहे। कलाकारों की प्रस्तुति ने मोहा मन झांकियों के साथ चल रहे कलाकारों ने भक्ति गीतों पर नृत्य कर माहौल को और भी दिव्य बना दिया। शिव तांडव, नंदी नृत्य, भभूत डांस, कृष्ण लीला और विभिन्न लोकनृत्य लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। कलाकारों की शानदार प्रस्तुति पर जगह-जगह लोगों ने तालियां बजाकर स्वागत किया। व्यवस्थाओं में प्रशासन व आयोजकों की सराहना शोभायात्रा के विशाल रूप को देखते हुए प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती की गई। ट्रैफिक को सुचारु रखने के लिए कई स्थानों पर रूट डायवर्ट भी किया गया। आयोजकों ने भी श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह पेयजल, प्रसाद और बैठने की व्यवस्था की थी। भक्ति, आस्था और सांस्कृतिक सौहार्द का संगम मुंगेर में हर वर्ष निकलने वाली यह शोभायात्रा इस बार और भी भव्य व ऐतिहासिक रही। महाशिवरात्रि पर निकली इस शोभायात्रा ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती दी, बल्कि समाज में एकता, भाईचारा और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का भी संदेश दिया। मुंगेर रविवार को महाशिवरात्रि की भक्ति में डूबा रहा। महाशिवरात्रि सांस्कृतिक महोत्सव समिति द्वारा भगवान शिव की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसने पूरे शहर को शिवमय कर दिया। मनकेश्वर नाथ महादेव कमेटी और शिव–पार्वती सेवा दल के संयुक्त तत्वावधान में निकली यह शोभायात्रा शहर के कोने–कोने से गुजरती हुई आकर्षण का केंद्र बनी रही। गांधी चौक पर जनप्रतिनिधियों ने किया उद्घाटन शोभायात्रा का उद्घाटन गांधी चौक पर किया गया। विधायक प्रणव कुमार, मेयर कुमकुम देवी, उपमहापौर खालिद हुसैन और सदर एसडीओ शैलेंद्र कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से फीता काटकर यात्रा की शुरुआत करवाई। कार्यक्रम का नेतृत्व मनकेश्वर नाथ महादेव मंदिर के संस्थापक कमल कुमार कमल कर रहे थे। कृष्णापुरी परमेश्वर नाथ मंदिर से हुई शुरुआत शोभायात्रा कृष्णापुरी स्थित परमेश्वर नाथ महादेव मंदिर से आरंभ हुई। इसके बाद यह शहर के मुख्य बाजार, गांधी चौक, बाटा चौक, राजीव गांधी चौक, बड़ी बाजार, कस्तूरबा वाटर, कौड़ा मैदान, शादीपुर होते हुए बेकापुर पहुंची। अंतिम पड़ाव मनकेश्वर नाथ महादेव मंदिर रहा, जहां शोभायात्रा का विधिवत समापन किया गया। 2 किलोमीटर लंबी झांकी लाइन, 70 थीम पर आधारित प्रस्तुतियां इस बार शोभायात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण करीब 2 किलोमीटर लंबी झांकी लाइन रही। लगभग 70 झांकियों में धार्मिक, ऐतिहासिक, पौराणिक, राष्ट्रीय और सामाजिक विषयों को बड़ी ही खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया। भगवान शिव–पार्वती, गणेश, कार्तिकेय, राम–सीता, श्रीकृष्ण–राधा, महासुर–वध, समुद्र मंथन, राष्ट्रभक्ति, स्वच्छता और नशामुक्ति जैसे विषयों पर तैयार झांकियों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। निर्णायक मंडल में कौशल किशोर पाठक, चंदूजी, दिलीप सर्राफ और विष्णु कुमार मौजूद थे, जो अलग-अलग थीम और प्रस्तुति का मूल्यांकन करते रहे। सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, दोपहर से लगी भीड़ शोभायात्रा को देखने के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। दोपहर एक बजे से ही लोग सड़कों पर पहुंचने लगे थे। जैसे-जैसे झांकियां आगे बढ़ती गईं, भीड़ का आकार बढ़ता गया। शाम होते-होते दर्शकों की संख्या एक लाख से अधिक पहुंच गई। बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग हाथों में मोबाइल कैमरा लिए झांकियों को कैद करते नजर आए। जगह-जगह श्रद्धालु “हर हर महादेव” के जयकारों से माहौल को शिवमय बनाते रहे। कलाकारों की प्रस्तुति ने मोहा मन झांकियों के साथ चल रहे कलाकारों ने भक्ति गीतों पर नृत्य कर माहौल को और भी दिव्य बना दिया। शिव तांडव, नंदी नृत्य, भभूत डांस, कृष्ण लीला और विभिन्न लोकनृत्य लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। कलाकारों की शानदार प्रस्तुति पर जगह-जगह लोगों ने तालियां बजाकर स्वागत किया। व्यवस्थाओं में प्रशासन व आयोजकों की सराहना शोभायात्रा के विशाल रूप को देखते हुए प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती की गई। ट्रैफिक को सुचारु रखने के लिए कई स्थानों पर रूट डायवर्ट भी किया गया। आयोजकों ने भी श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह पेयजल, प्रसाद और बैठने की व्यवस्था की थी। भक्ति, आस्था और सांस्कृतिक सौहार्द का संगम मुंगेर में हर वर्ष निकलने वाली यह शोभायात्रा इस बार और भी भव्य व ऐतिहासिक रही। महाशिवरात्रि पर निकली इस शोभायात्रा ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती दी, बल्कि समाज में एकता, भाईचारा और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का भी संदेश दिया।


