ग्वालियर के शासकीय कॉलेजों में नियमित छात्रों को अब क्रीड़ा शुल्क दो बार जमा करना होगा। विश्वविद्यालय ने परीक्षा शुल्क के साथ 192 रुपए अतिरिक्त क्रीड़ा शुल्क लेने का निर्णय लिया है, जिससे छात्रों पर आर्थिक भार बढ़ेगा। वर्तमान में, विश्वविद्यालय प्रवेश के समय छात्रों से 250 रुपए क्रीड़ा शुल्क के रूप में लेता है। इस राशि का 60 प्रतिशत कॉलेज अपने पास रखते हैं, जबकि 40 प्रतिशत विश्वविद्यालय को जमा किया जाता है। नए नियम के तहत, छात्रों को अब एक ही सत्र में दो बार क्रीड़ा शुल्क देना होगा: एक बार प्रवेश के समय और दूसरी बार परीक्षा फॉर्म भरते समय। पिछले वित्तीय वर्ष में भी प्रवेश प्रक्रिया के बाद क्रीड़ा शुल्क बढ़ाया गया था। तब कई छात्रों ने बढ़ी हुई राशि जमा नहीं की थी, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने बकाया शुल्क को परीक्षा शुल्क के साथ वसूलने का आदेश दिया था। हालांकि, इस बार स्थिति भिन्न है। छात्रों ने प्रवेश के दौरान ही बढ़ी हुई क्रीड़ा राशि जमा कर दी थी, इसके बावजूद उन्हें अब परीक्षा फॉर्म भरते समय यह शुल्क दोबारा देना होगा। इसके लिए लिखित आदेश भी जारी किए गए हैं। विश्वविद्यालय के कुल सचिव राजीव मिश्रा ने कहा है कि विश्वविद्यालय की ओर से क्रीड़ा शुल्क में कोई वृद्धि नहीं की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कॉलेजों ने अपने स्तर पर ऐसा कोई शुल्क बढ़ाया है, तो शिकायत मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।


