एक महिला व दो पुरुष को मुंबई से पकड़ा, तीनों 4 दिन के रिमांड पर
65 लाख की फिरौती वसूली
सांसद के हस्तक्षेप के बाद युवक-युवती अजरबैजान में दूतावास में
आणंद. जिले के एक युवक और एक युवती को गैरकानूनी तरीके से अमेरिका पहुंचाने के बहाने अजरबैजान के बाकू ले जाकर बंधक बनाने के मामले में मुंबई के तीन एजेंटों को पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया। तीनों को आणंद लाकर कोर्ट में पेश कर 14 दिन के रिमांड की मांग की गई, लेकिन कोर्ट ने चार दिन का रिमांड मंजूर किया।
जानकारी के अनुसार, आणंद के जांखरिया गांव के ध्रुव पटेल और कंथारिया गांव की दीपिका पटेल ने विदेश जाने के लिए मुंबई के एक एजेंट से संपर्क किया। इसके बाद इन्हें अजरबैजान ले जाया गया, वहां वे लापता हो गए। ध्रुव के पिता मुकेश पटेल ने आणंद ग्रामीण पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस अधीक्षक गौरव जसाणी ने लोकल क्राइम ब्रांच (एलसीबी) को जांच सौंपी।
एलसीबी की टीम तुरंत मुंबई पहुंची और अमेरिका ले जाने के बहाने अज़रबैजान भेजने वाले मुख्य एजेंट मुंबई के थाणे निवासी ममता जितेश गामित, मुंबई के दहीसर निवासी केतन सोनी और मुंबई के अंधेरी ईस्ट निवासी डेनियल बापिस्ट मोंटेरो को गिरफ्तार कर आणंद लाया गया। तीनों को आणंद की कोर्ट में पेश कर 14 दिन के रिमांड की मांग की गई। कोर्ट ने 4 दिन का रिमांड मंजूर किया।
तीनों से पूछताछ
इस दौरान एलसीबी की ओर से तीनों से पूछताछ की जा रही है। वहीं, अजरबैजान में मौजूद पवन, बाबाखान सहित तीन अन्य आरोपियों को पकड़ने की कार्रवाई भी जारी है। मुक्त कराए गए ध्रुव और दीपिका फिलहाल अजरबैजान में भारतीय दूतावास में हैं। दोनों को भारत वापस लाने की प्रक्रिया चल रही है।
गौरतलब है कि युवक-युवती को अजरबैजान ले जाकर यातनाएं दी गईं, परिजनों को झूठे फोन करवाए गए और 65 लाख रुपये की फिरौती वसूलने के बाद भी अतिरिक्त रकम की मांग की गई। इतना ही नहीं, पैसे न देने पर युवक-युवती की किडनी सहित अन्य अंग बेचकर पैसा वसूलने की धमकियां भी दी गईं।
बाकू में 24 घंटे रखने के बाद एजेंट पवन ने वीडियो कॉल के जरिए परिजनों से बात करवाई और झूठ बोला कि वे कनाडा पहुंच चुके हैं। इसके बाद दोनों से संपर्क टूट गया और वे लापता हो गए। इस आशंका के चलते कि दोनों को किसी आपराधिक गिरोह को सौंप दिया गया है, परिवार ने इस मामले को आणंद के सांसद मितेश पटेल और पेटलाद के विधायक सह वित्त राज्यमंत्री कमलेश पटेल के समक्ष रखा।
मामले की गंभीरता को समझते हुए सांसद मितेश पटेल ने तुरंत भारत सरकार के गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को ई-मेल किया तथा विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर से व्यक्तिगत रूप से मिलकर युवक-युवती की जान बचाने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की।
इसके बाद विदेश मंत्रालय ने तुरंत ऑपरेशन महिसागर शुरू किया। अजरबैजान स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस की मदद से अभियान चलाकर ध्रुव और दीपिका को सुरक्षित छुड़ाकर भारतीय दूतावास पहुंचाया। दोनों के सुरक्षित होने की सूचना मिलने पर परिजनों ने सांसद मितेश पटेल और विदेश मंत्रालय की सराहना की।


