जमुई में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद संक्रमण:मरीज की आंख निकालनी पड़ी, परिजनों का डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप, अस्पताल में विरोध प्रदर्शन

जमुई में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद संक्रमण:मरीज की आंख निकालनी पड़ी, परिजनों का डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप, अस्पताल में विरोध प्रदर्शन

जमुई स्थित आई केयर आई हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद एक मरीज की आंख में गंभीर संक्रमण फैल गया। हालत बिगड़ने पर अंततः उसकी आंख निकालनी पड़ी। इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। पीड़ित मरीज की पहचान खैरा प्रखंड के परसा गांव निवासी 55 वर्षीय हलदर सिंह के रूप में हुई है। उनके पुत्र शुभम कुमार सिंह ने बताया कि बीते रविवार को अस्पताल में डॉ. राजेश मेहता ने उनके पिता का मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया था। ऑपरेशन के अगले दिन हलदर सिंह की आंख से खून आने लगा और सूजन बढ़ गई। स्थिति गंभीर होने पर परिजन उन्हें देवघर ले गए, जहां नेत्र विशेषज्ञ डॉ. एन.डी. मिश्रा ने जांच के बाद ऑपरेशन में गड़बड़ी की आशंका जताई। इसके बाद मरीज को एम्स पटना में भर्ती कराया गया, जहां संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने आंख निकालने का निर्णय लिया। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर बहस
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही के कारण ही यह गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई। शुभम कुमार सिंह का यह भी कहना है कि डॉक्टर ने पहले मुफ्त इलाज का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में आयुष्मान कार्ड से 26 हजार रुपये की निकासी कर ली गई, जिसकी सूचना उन्हें मोबाइल संदेश के माध्यम से प्राप्त हुई। वहीं, डॉ. राजेश मेहता ने ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए कहा कि संक्रमण ऑपरेशन के दो दिन बाद हुआ था। उन्होंने आयुष्मान राशि अस्पताल को मिलने की बात स्वीकार की और लापरवाही के आरोपों से इनकार किया। इस घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर बहस तेज हो गई है और स्थानीय लोग मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। जमुई स्थित आई केयर आई हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद एक मरीज की आंख में गंभीर संक्रमण फैल गया। हालत बिगड़ने पर अंततः उसकी आंख निकालनी पड़ी। इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। पीड़ित मरीज की पहचान खैरा प्रखंड के परसा गांव निवासी 55 वर्षीय हलदर सिंह के रूप में हुई है। उनके पुत्र शुभम कुमार सिंह ने बताया कि बीते रविवार को अस्पताल में डॉ. राजेश मेहता ने उनके पिता का मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया था। ऑपरेशन के अगले दिन हलदर सिंह की आंख से खून आने लगा और सूजन बढ़ गई। स्थिति गंभीर होने पर परिजन उन्हें देवघर ले गए, जहां नेत्र विशेषज्ञ डॉ. एन.डी. मिश्रा ने जांच के बाद ऑपरेशन में गड़बड़ी की आशंका जताई। इसके बाद मरीज को एम्स पटना में भर्ती कराया गया, जहां संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने आंख निकालने का निर्णय लिया। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर बहस
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही के कारण ही यह गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई। शुभम कुमार सिंह का यह भी कहना है कि डॉक्टर ने पहले मुफ्त इलाज का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में आयुष्मान कार्ड से 26 हजार रुपये की निकासी कर ली गई, जिसकी सूचना उन्हें मोबाइल संदेश के माध्यम से प्राप्त हुई। वहीं, डॉ. राजेश मेहता ने ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए कहा कि संक्रमण ऑपरेशन के दो दिन बाद हुआ था। उन्होंने आयुष्मान राशि अस्पताल को मिलने की बात स्वीकार की और लापरवाही के आरोपों से इनकार किया। इस घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर बहस तेज हो गई है और स्थानीय लोग मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।  

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