देश में गर्भवती महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के बीच तेजी से फैल रही एनीमिया जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या के खिलाफ समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की जा रही है। इसी क्रम में “एनीमिया जागरूकता रथ” का शुभारंभ 17 फरवरी को इंदौर में किया जाएगा। अभियान का शुभारंभ मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया जाएगा। इस अवसर पर इंदौर सांसद शंकर लालवानी, विधायकगण, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलगुरु सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे। रथ यात्रा का संचालन में डॉ. वैभव चतुर्वेदी, डॉ. कनक चतुर्वेदी, डॉ. अथर्व द्विवेदी, सरोज द्विवेदी, दीपक उपाध्याय एवं विनय पांडेय द्वारा किया जाएगा। वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. एके द्विवेदी के अनुसार, मानव शरीर में खून की कमी होने पर थकान, चक्कर आना, कमजोरी, ध्यान में कमी और कार्यक्षमता घटने जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। यदि समय रहते इसकी पहचान और उचित पोषण न मिले, तो यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है और आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकती है। घर-घर पहुंचेगा जागरूकता का संदेश यह अभियान सांसद सेवा प्रकल्प इंदौर, आयुष मेडिकल वेलफेयर फाउंडेशन एवं एडवांस्ड होम्योपैथिक सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। हर वर्ष फरवरी से मार्च माह तक चलने वाले इस अभियान के अंतर्गत चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े छात्र-छात्राएं और स्वयंसेवक घर-घर जाकर लोगों को एनीमिया के लक्षण, कारण, बचाव और उपचार की जानकारी देंगे। अभियान के दौरान लौह तत्वयुक्त आहार जैसे हरी सब्जियां, दालें, गुड़, चना और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करने पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि लोग छोटे-छोटे बदलावों से इस बीमारी से बचाव कर सकें। जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार आयोजकों का मानना है कि एनीमिया से लड़ने का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता है। यह रथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर जनसंवाद, परामर्श और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी उपलब्ध कराएगा। समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सहभागी बनने की अपील की गई है।


