लोजपा रामविलास ने आज पटना के कारगिल चौक पर तेजस्वी यादव का पुतला दहन किया। गन्ना उद्योग मंत्री संजय पासवान के नेतृत्व में नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में पार्टी के कई पदाधिकारी, महिला कार्यकर्ता भी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की गई। एलजेपी (रामविलास) के नेताओं का आरोप है कि इस टिप्पणी से न केवल एक वरिष्ठ नेता का अपमान हुआ, बल्कि दलित समाज की भावनाएं भी आहत हुई हैं। उनका कहना है कि रामविलास पासवान ने अपने राजनीतिक जीवन में हर वर्ग, खासकर वंचित और दलित समाज के लिए लंबा संघर्ष किया था, ऐसे में उन्हें “बेचारा” कहना उनकी राजनीतिक विरासत को छोटा करने की कोशिश है। दलित समाज का अपमान बर्दाश्त नहीं- चंदन यादव पटना जिलाध्यक्ष चंदन यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव और उनके विधायक लगातार मर्यादा की सीमाएं लांघ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन जैसे गंभीर मंच पर इस प्रकार की भाषा का प्रयोग करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान जी हमारे पूजनीय नेता थे। उन्हें छोटे शब्दों में बांधने की कोशिश पूरे दलित समाज का अपमान है। नेता प्रतिपक्ष को इस पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। माफी तक जारी रहेगा आंदोलन- सोनम पासवान महिला कार्यकर्ता सोनम पासवान ने कहा कि विधानसभा में जिस तरह से टिप्पणी की गई, वह केवल राजनीतिक बयान नहीं बल्कि भावनात्मक चोट है। रामविलास पासवान जी कोई छोटे नेता नहीं थे। वे दूरदर्शी, संघर्षशील और सर्वमान्य व्यक्तित्व थे। जब तक तेजस्वी यादव और संबंधित विधायक सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, हमारा आंदोलन जारी रहेगा। क्या है पूरा विवाद? विवाद की शुरुआत हाल ही में बिहार विधानसभा के सत्र के दौरान हुई बहस से जुड़ी है। सदन में चर्चा के दौरान गया के विधायक कुमार सर्वजीत ने लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक और दिवंगत केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का जिक्र करते हुए कथित तौर पर “बेचारा” शब्द का इस्तेमाल किया। इसके विरोध में यह लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। लोजपा रामविलास ने आज पटना के कारगिल चौक पर तेजस्वी यादव का पुतला दहन किया। गन्ना उद्योग मंत्री संजय पासवान के नेतृत्व में नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में पार्टी के कई पदाधिकारी, महिला कार्यकर्ता भी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की गई। एलजेपी (रामविलास) के नेताओं का आरोप है कि इस टिप्पणी से न केवल एक वरिष्ठ नेता का अपमान हुआ, बल्कि दलित समाज की भावनाएं भी आहत हुई हैं। उनका कहना है कि रामविलास पासवान ने अपने राजनीतिक जीवन में हर वर्ग, खासकर वंचित और दलित समाज के लिए लंबा संघर्ष किया था, ऐसे में उन्हें “बेचारा” कहना उनकी राजनीतिक विरासत को छोटा करने की कोशिश है। दलित समाज का अपमान बर्दाश्त नहीं- चंदन यादव पटना जिलाध्यक्ष चंदन यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव और उनके विधायक लगातार मर्यादा की सीमाएं लांघ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन जैसे गंभीर मंच पर इस प्रकार की भाषा का प्रयोग करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान जी हमारे पूजनीय नेता थे। उन्हें छोटे शब्दों में बांधने की कोशिश पूरे दलित समाज का अपमान है। नेता प्रतिपक्ष को इस पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। माफी तक जारी रहेगा आंदोलन- सोनम पासवान महिला कार्यकर्ता सोनम पासवान ने कहा कि विधानसभा में जिस तरह से टिप्पणी की गई, वह केवल राजनीतिक बयान नहीं बल्कि भावनात्मक चोट है। रामविलास पासवान जी कोई छोटे नेता नहीं थे। वे दूरदर्शी, संघर्षशील और सर्वमान्य व्यक्तित्व थे। जब तक तेजस्वी यादव और संबंधित विधायक सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, हमारा आंदोलन जारी रहेगा। क्या है पूरा विवाद? विवाद की शुरुआत हाल ही में बिहार विधानसभा के सत्र के दौरान हुई बहस से जुड़ी है। सदन में चर्चा के दौरान गया के विधायक कुमार सर्वजीत ने लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक और दिवंगत केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का जिक्र करते हुए कथित तौर पर “बेचारा” शब्द का इस्तेमाल किया। इसके विरोध में यह लोग प्रदर्शन कर रहे हैं।


