गयाजी में जीतनराम मांझी बोले, राहुल की खोपड़ी उल्टी है:किसान मुद्दे पर बोले मंत्री- 95% को लाभ, 5% को दिक्कत तो सहन करना होगा

गयाजी में जीतनराम मांझी बोले, राहुल की खोपड़ी उल्टी है:किसान मुद्दे पर बोले मंत्री- 95% को लाभ, 5% को दिक्कत तो सहन करना होगा

गया शहर में एसएसपी कोठी के पास एक निजी अस्पताल के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय मंत्री और गयाजी के सांसद जीतन राम मांझी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। मुद्दा था किसानों से जुड़ा बिल। मांझी ने कहा कि राहुल गांधी की खोपड़ी उल्टी है। जिस बिल को वे किसानों के लिए नुकसानदेह बता रहे हैं, उसकी हकीकत कुछ और है। उन्होंने दावा किया कि 95 प्रतिशत लोग इस कानून से लाभान्वित होंगे, जबकि 5 प्रतिशत मामलों में लेन-देन से जुड़ी दिक्कतें सामने आ सकती हैं।
उनका तर्क साफ था। अगर 95 प्रतिशत को फायदा है और 5 प्रतिशत को थोड़ा नुकसान, तो इसे बड़ा मुद्दा बनाकर 95 प्रतिशत को क्यों दबाया जा रहा है। मांझी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह आंशिक आंकड़ों को आगे कर व्यापक लाभ को छिपा रहा है। मांझी ने कहा कि 5 प्रतिशत तो किसी तरह से सहन करना ही होगा।
95 बनाम 5 का गणित
मांझी ने संकेत दिया कि विपक्ष भ्रम की राजनीति कर रहा है। बिना तथ्य के डर फैलाया जा रहा है। सवाल यह है कि क्या 95 बनाम 5 का यह गणित गांव तक पहुंचेगा या फिर विपक्ष का नैरेटिव भारी पड़ेगा। किसान फिर से राजनीति के केंद्र में हैं। आंकड़ों की लड़ाई अब धारदार हो चुकी है। गया शहर में एसएसपी कोठी के पास एक निजी अस्पताल के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय मंत्री और गयाजी के सांसद जीतन राम मांझी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। मुद्दा था किसानों से जुड़ा बिल। मांझी ने कहा कि राहुल गांधी की खोपड़ी उल्टी है। जिस बिल को वे किसानों के लिए नुकसानदेह बता रहे हैं, उसकी हकीकत कुछ और है। उन्होंने दावा किया कि 95 प्रतिशत लोग इस कानून से लाभान्वित होंगे, जबकि 5 प्रतिशत मामलों में लेन-देन से जुड़ी दिक्कतें सामने आ सकती हैं।
उनका तर्क साफ था। अगर 95 प्रतिशत को फायदा है और 5 प्रतिशत को थोड़ा नुकसान, तो इसे बड़ा मुद्दा बनाकर 95 प्रतिशत को क्यों दबाया जा रहा है। मांझी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह आंशिक आंकड़ों को आगे कर व्यापक लाभ को छिपा रहा है। मांझी ने कहा कि 5 प्रतिशत तो किसी तरह से सहन करना ही होगा।
95 बनाम 5 का गणित
मांझी ने संकेत दिया कि विपक्ष भ्रम की राजनीति कर रहा है। बिना तथ्य के डर फैलाया जा रहा है। सवाल यह है कि क्या 95 बनाम 5 का यह गणित गांव तक पहुंचेगा या फिर विपक्ष का नैरेटिव भारी पड़ेगा। किसान फिर से राजनीति के केंद्र में हैं। आंकड़ों की लड़ाई अब धारदार हो चुकी है।  

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