आज के दौर में पॉकेट में कैश हो न हो, मोबाइल फोन में यूपीआई (UPI) का होना जरूरी है। सब्जी वाले से लेकर बड़े शोरूम तक, हर जगह क्यूआर कोड स्कैन हो रहे। इसी से पेमेंट हो रहा है, लेकिन एक छोटी सी लापरवाही जिंदगी भर की कमाई पर भारी पर सकती है। डिजिटल पेमेंट की सुविधा जितनी आसान है, उतनी ही खतरनाक भी हो सकती है। डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए बिहार पुलिस ने एक विशेष जागरूकता वीडियो जारी किया है। वीडियो को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया जा रहा है। यूपीआई पेमेंट करते समय महत्वपूर्ण सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। पुलिस का कहना है कि सावधानी ही बचाव है।
रिसीवर का नाम जरूर वेरीफाई करें जैसे ही आप क्यूआर कोड स्कैन करते हैं या मोबाइल नंबर डालते हैं, स्क्रीन पर पेमेंट पाने वाले का नाम आता है। पुलिस बता रही है कि पैसे भेजने से पहले उस नाम को ध्यान से पढ़ें। यदि नाम संदिग्ध लगे या वह उस व्यक्ति से मेल न खाए जिसे आप पैसे भेज रहे हैं, तो तुरंत रुक जाएं। पेमेंट करने से पहले सामने वाले व्यक्ति से नाम की पुष्टि जरूर करें।
अमाउंट को डबल चेक करें अक्सर हड़बड़ी में हम 500 की जगह 5000 या 50 की जगह 500 रुपए टाइप कर देते हैं। वीडियो में चेतावनी दी गई है कि एक बार पिन (PIN) दर्ज हो गया और ट्रांजैक्शन सफल हो गया, तो उसे रिवर्स यानी वापस पाना बेहद मुश्किल होता है। इसलिए प्रोसीड बटन दबाने से पहले राशि की जांच दोबारा करें।
अनजान पेमेंट रिक्वेस्ट को करें इग्नोर कई बार यूपीआई ऐप Phone Pe, Google Pay पर अचानक से पेमेंट रिक्वेस्ट का नोटिफिकेशन आता है। अगर आपने कोई सामान नहीं खरीदा है या आप किसी को पैसे नहीं भेज रहे हैं, तो ऐसी किसी भी अनजान रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट (Accept) नहीं करें। यह ठगों का बिछाया जाल हो सकता है।
दबाव में आकर नहीं करें पेमेंट साइबर अपराधी अक्सर लोगों को डराते हैं कि अगर अभी पेमेंट नहीं किया तो आपका बिजली कनेक्शन कट जाएगा या आपका सिम कार्ड ब्लॉक हो जाएगा। पुलिस ने सलाह दी है कि ऐसे किसी भी दबाव या जल्दबाजी में आकर ट्रांजैक्शन न करें। बैंक या कोई भी सरकारी संस्थान इस तरह फोन पर तत्काल पैसे की मांग नहीं करता।
ठगी होने पर क्या करें अगर आप फिर भी किसी साइबर फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं, तो घबराएं नहीं। हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करें। ऑनलाइन पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। डिजिटल युग में सतर्कता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। लोगों को तकनीक के साथ-साथ सुरक्षा के प्रति भी सजग रहना चाहिए।
लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांच लें साइबर डीएसपी इमरान अहमद कहते हैं कि हाल के दिनों में साइबर अपराध के मामलों में वृद्धि देखी गई है। फर्जी कॉल, लॉटरी, केवाईसी अपडेट, यूपीआई पेमेंट और निवेश के नाम पर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है। उन्होंने बताया कि यूपीआई से पेमेंट करते समय सावधानी बरतें। पेमेंट करने के लिए किसी के दबाव में नहीं आएं। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांच लें। किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें और अपनी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें। बैंक या सरकारी संस्थान कभी भी फोन पर ओटीपी या पासवर्ड नहीं मांगते हैं। आज के दौर में पॉकेट में कैश हो न हो, मोबाइल फोन में यूपीआई (UPI) का होना जरूरी है। सब्जी वाले से लेकर बड़े शोरूम तक, हर जगह क्यूआर कोड स्कैन हो रहे। इसी से पेमेंट हो रहा है, लेकिन एक छोटी सी लापरवाही जिंदगी भर की कमाई पर भारी पर सकती है। डिजिटल पेमेंट की सुविधा जितनी आसान है, उतनी ही खतरनाक भी हो सकती है। डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए बिहार पुलिस ने एक विशेष जागरूकता वीडियो जारी किया है। वीडियो को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया जा रहा है। यूपीआई पेमेंट करते समय महत्वपूर्ण सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। पुलिस का कहना है कि सावधानी ही बचाव है।
रिसीवर का नाम जरूर वेरीफाई करें जैसे ही आप क्यूआर कोड स्कैन करते हैं या मोबाइल नंबर डालते हैं, स्क्रीन पर पेमेंट पाने वाले का नाम आता है। पुलिस बता रही है कि पैसे भेजने से पहले उस नाम को ध्यान से पढ़ें। यदि नाम संदिग्ध लगे या वह उस व्यक्ति से मेल न खाए जिसे आप पैसे भेज रहे हैं, तो तुरंत रुक जाएं। पेमेंट करने से पहले सामने वाले व्यक्ति से नाम की पुष्टि जरूर करें।
अमाउंट को डबल चेक करें अक्सर हड़बड़ी में हम 500 की जगह 5000 या 50 की जगह 500 रुपए टाइप कर देते हैं। वीडियो में चेतावनी दी गई है कि एक बार पिन (PIN) दर्ज हो गया और ट्रांजैक्शन सफल हो गया, तो उसे रिवर्स यानी वापस पाना बेहद मुश्किल होता है। इसलिए प्रोसीड बटन दबाने से पहले राशि की जांच दोबारा करें।
अनजान पेमेंट रिक्वेस्ट को करें इग्नोर कई बार यूपीआई ऐप Phone Pe, Google Pay पर अचानक से पेमेंट रिक्वेस्ट का नोटिफिकेशन आता है। अगर आपने कोई सामान नहीं खरीदा है या आप किसी को पैसे नहीं भेज रहे हैं, तो ऐसी किसी भी अनजान रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट (Accept) नहीं करें। यह ठगों का बिछाया जाल हो सकता है।
दबाव में आकर नहीं करें पेमेंट साइबर अपराधी अक्सर लोगों को डराते हैं कि अगर अभी पेमेंट नहीं किया तो आपका बिजली कनेक्शन कट जाएगा या आपका सिम कार्ड ब्लॉक हो जाएगा। पुलिस ने सलाह दी है कि ऐसे किसी भी दबाव या जल्दबाजी में आकर ट्रांजैक्शन न करें। बैंक या कोई भी सरकारी संस्थान इस तरह फोन पर तत्काल पैसे की मांग नहीं करता।
ठगी होने पर क्या करें अगर आप फिर भी किसी साइबर फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं, तो घबराएं नहीं। हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करें। ऑनलाइन पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। डिजिटल युग में सतर्कता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। लोगों को तकनीक के साथ-साथ सुरक्षा के प्रति भी सजग रहना चाहिए।
लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांच लें साइबर डीएसपी इमरान अहमद कहते हैं कि हाल के दिनों में साइबर अपराध के मामलों में वृद्धि देखी गई है। फर्जी कॉल, लॉटरी, केवाईसी अपडेट, यूपीआई पेमेंट और निवेश के नाम पर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है। उन्होंने बताया कि यूपीआई से पेमेंट करते समय सावधानी बरतें। पेमेंट करने के लिए किसी के दबाव में नहीं आएं। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांच लें। किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें और अपनी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें। बैंक या सरकारी संस्थान कभी भी फोन पर ओटीपी या पासवर्ड नहीं मांगते हैं।


