एसएनसीयू में ही नवजात का हो सकेगा एक्स-रे, जल्द पोर्टेबल एक्स-रे सुविधा

एसएनसीयू में ही नवजात का हो सकेगा एक्स-रे, जल्द पोर्टेबल एक्स-रे सुविधा

छिंदवाड़ा. गायनिक वार्ड के पीछे स्थित विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई ( एसएनसीयू ) में बढ़ते भार को देखते हुए पोर्टेबल एक्स-रे की सुविधा जल्द मिलेगी। अब वार्ड में बेड के बाजू में ही भर्ती हुए नवजात का एक्स-रे हो सकेगा। वर्तमान में जन्म के तत्काल बाद गंभीर रूप से बीमार नवजात को एक्स-रे के लिए वार्ड से एक्स-रे विभाग तक ले जाना पड़ता था, जबकि कई बार स्थिति यह रहती थी कि नवजात ऑक्सीजन पर होता है। ऐसे में यह पोर्टेबल एक्स-रे मिलने से नवजात का वार्ड में ही बेड पर एक्स-रे हो सकेगा। एसएनसीयू वार्ड की ओर से मेडिकल कॉलेज डीन को इस एक्स-रे मशीन के लिए प्रस्ताव दिया गया था, डीन डॉ अभय कुमार सिन्हा ने शनिवार को निरीक्षण के दौरान निर्णय लेते हुए एक्स-रे मशीन देने का निर्णय लिया है।

इस दौरान डीन ने कहा कि नवजात शिशुओं की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए उन्हें त्वरित और सटीक जांच सुविधा उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से अब गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं को जांच के लिए बाहर ले जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे संक्रमण का खतरा कम होगा और शिशुओं को समय पर उपचार मिल सकेगा। निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज डीन डॉ अभय कुमार, अधीक्षक सिम्स डॉ विपिन जैन, शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ पवन नंदुरकर, एसएनसीयू इंचार्ज डॉ अंशुल लांबा के साथ ही डॉ पूर्ति त्रिपाठी और डॉ हिमांशु सिंह मौजूद रहे।

बढ़ रही है संख्या, क्षमता 20 की भर्ती रहते है 50 से ज्यादा

एसएनसीयू में भर्ती नवजात शिशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और गंभीर मामलों की देखभाल के लिए अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता है। वार्ड में 20 बेड है जिन पर 50 से 60 की संख्या में भर्ती होते है। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए डीन ने तत्काल प्रभाव से एक अतिरिक्त नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति का निर्णय लिया, ताकि शिशुओं को समय पर और गुणवत्तापूर्ण देखभाल मिल सके। इस निर्णय से एसएनसीयू में कार्यरत चिकित्सा दल को बड़ी राहत मिलेगी तथा प्रत्येक शिशु की निगरानी और उपचार और अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।

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