नालंदा जिला प्रशासन ने आगामी 17 से 25 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाली मैट्रिक परीक्षा को लेकर पूरी तरह से कमर कस ली है। परीक्षा को स्वच्छ, निष्पक्ष और कदाचार मुक्त माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से अपर समाहर्ता राजीव रंजन कुमार सिन्हा ने सभी केंद्राधीक्षकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन की ओर से स्पष्ट कर दिया गया है कि परीक्षा समिति की ओर निर्धारित नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बार मैट्रिक परीक्षा में जिले से कुल 45,324 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। जिनमें 22,666 छात्र और 22,658 छात्राएं हैं। इन परीक्षार्थियों के लिए जिले भर में कुल 36 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें बिहारशरीफ में 18, राजगीर में 9 और हिलसा में 9 परीक्षा केंद्र शामिल है। प्रशासन ने छात्राओं की सुविधा के लिए 15 और छात्रों के लिए 21 अलग-अलग परीक्षा केंद्र निर्धारित किए हैं। सभी परीक्षा कक्षों में रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। एंट्री को लेकर कड़े नियम जारी निर्देशों के अनुसार, पिछले वर्ष की तरह इस बार भी परीक्षार्थियों के लिए जूता-मोजा पहनकर परीक्षा केंद्र पर आने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सभी परीक्षार्थियों को केवल चप्पल पहनकर ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। इसके साथ ही प्रवेश के समय-सीमा को लेकर भी कड़े नियम बनाए गए हैं। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से शुरू होगी, जिसके लिए सुबह 9:00 बजे तक ही प्रवेश मिलेगा। वहीं, दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से शुरू होगी, जिसके लिए दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी। विलंब से आने वाले छात्रों को परीक्षा भवन में किसी भी हाल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा हॉल में किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की सख्त मनाही है। केंद्राधीक्षक को छोड़कर किसी भी वीक्षक या प्रतिनियुक्त कर्मी को मोबाइल अपने साथ रखने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केंद्रों के 500 मीटर के दायरे में अनुमंडल पदाधिकारी की ओर से भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। इसके अलावा सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और सतत वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है। उड़दस्ता और स्टैटिक दंडाधिकारी की तैनाती सेंटर्स पर एंट्री के समय परीक्षार्थियों की सघन जांच होगी, जिसमें महिला परीक्षार्थियों की जांच के लिए विशेष रूप से महिला दंडाधिकारी और महिला पुलिस बल की तैनाती की गई है। कदाचार मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिले में 77 स्टैटिक दंडाधिकारी, 17 गश्ती दल, 8 जोनल (उड़नदस्ता) और 6 सुपर जोनल दंडाधिकारी तैनात किए गए हैं। ये अधिकारी लगातार केंद्रों का भ्रमण करेंगे और अपनी निरीक्षण टिप्पणी पंजी में दर्ज कर जिलाधिकारी को दैनिक खैरियत प्रतिवेदन सौंपेंगे। वीक्षकों की प्रतिनियुक्ति रेंडमाइजेशन के आधार पर की गई है। सभी को पहचान पत्र जारी किया जाएगा। इसके साथ ही सभी केंद्रों के शौचालयों की भी अच्छी तरह से जांच करने का निर्देश दिया गया है। ताकि नकल की सामग्री छिपाने की कोई गुंजाइश न रहे। परीक्षा केंद्रों के भीतरी परिसर के साथ-साथ बाहरी इलाकों पर भी प्रशासन की पैनी नजर रहेगी। अपर समाहर्ता ने आस-पास की फोटो स्टेट और स्टेशनरी की दुकानों के साथ-साथ कोचिंग संस्थानों की गतिविधियों की सघन जांच के भी निर्देश दिए हैं। परीक्षार्थियों की किसी भी समस्या के समाधान के लिए एक जिलास्तरीय नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जिसका टॉल फ्री नंबर 18003456323 लगातार कार्यरत रहेगा। इसके अलावा, बिहारशरीफ शहर में परीक्षा के दौरान जाम की समस्या न हो, इसके लिए यातायात पुलिस उपाधीक्षक को यातायात व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने का जिम्मा सौंपा गया है। नालंदा जिला प्रशासन ने आगामी 17 से 25 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाली मैट्रिक परीक्षा को लेकर पूरी तरह से कमर कस ली है। परीक्षा को स्वच्छ, निष्पक्ष और कदाचार मुक्त माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से अपर समाहर्ता राजीव रंजन कुमार सिन्हा ने सभी केंद्राधीक्षकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन की ओर से स्पष्ट कर दिया गया है कि परीक्षा समिति की ओर निर्धारित नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बार मैट्रिक परीक्षा में जिले से कुल 45,324 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। जिनमें 22,666 छात्र और 22,658 छात्राएं हैं। इन परीक्षार्थियों के लिए जिले भर में कुल 36 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें बिहारशरीफ में 18, राजगीर में 9 और हिलसा में 9 परीक्षा केंद्र शामिल है। प्रशासन ने छात्राओं की सुविधा के लिए 15 और छात्रों के लिए 21 अलग-अलग परीक्षा केंद्र निर्धारित किए हैं। सभी परीक्षा कक्षों में रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। एंट्री को लेकर कड़े नियम जारी निर्देशों के अनुसार, पिछले वर्ष की तरह इस बार भी परीक्षार्थियों के लिए जूता-मोजा पहनकर परीक्षा केंद्र पर आने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सभी परीक्षार्थियों को केवल चप्पल पहनकर ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। इसके साथ ही प्रवेश के समय-सीमा को लेकर भी कड़े नियम बनाए गए हैं। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से शुरू होगी, जिसके लिए सुबह 9:00 बजे तक ही प्रवेश मिलेगा। वहीं, दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से शुरू होगी, जिसके लिए दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी। विलंब से आने वाले छात्रों को परीक्षा भवन में किसी भी हाल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा हॉल में किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की सख्त मनाही है। केंद्राधीक्षक को छोड़कर किसी भी वीक्षक या प्रतिनियुक्त कर्मी को मोबाइल अपने साथ रखने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केंद्रों के 500 मीटर के दायरे में अनुमंडल पदाधिकारी की ओर से भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। इसके अलावा सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और सतत वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है। उड़दस्ता और स्टैटिक दंडाधिकारी की तैनाती सेंटर्स पर एंट्री के समय परीक्षार्थियों की सघन जांच होगी, जिसमें महिला परीक्षार्थियों की जांच के लिए विशेष रूप से महिला दंडाधिकारी और महिला पुलिस बल की तैनाती की गई है। कदाचार मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिले में 77 स्टैटिक दंडाधिकारी, 17 गश्ती दल, 8 जोनल (उड़नदस्ता) और 6 सुपर जोनल दंडाधिकारी तैनात किए गए हैं। ये अधिकारी लगातार केंद्रों का भ्रमण करेंगे और अपनी निरीक्षण टिप्पणी पंजी में दर्ज कर जिलाधिकारी को दैनिक खैरियत प्रतिवेदन सौंपेंगे। वीक्षकों की प्रतिनियुक्ति रेंडमाइजेशन के आधार पर की गई है। सभी को पहचान पत्र जारी किया जाएगा। इसके साथ ही सभी केंद्रों के शौचालयों की भी अच्छी तरह से जांच करने का निर्देश दिया गया है। ताकि नकल की सामग्री छिपाने की कोई गुंजाइश न रहे। परीक्षा केंद्रों के भीतरी परिसर के साथ-साथ बाहरी इलाकों पर भी प्रशासन की पैनी नजर रहेगी। अपर समाहर्ता ने आस-पास की फोटो स्टेट और स्टेशनरी की दुकानों के साथ-साथ कोचिंग संस्थानों की गतिविधियों की सघन जांच के भी निर्देश दिए हैं। परीक्षार्थियों की किसी भी समस्या के समाधान के लिए एक जिलास्तरीय नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जिसका टॉल फ्री नंबर 18003456323 लगातार कार्यरत रहेगा। इसके अलावा, बिहारशरीफ शहर में परीक्षा के दौरान जाम की समस्या न हो, इसके लिए यातायात पुलिस उपाधीक्षक को यातायात व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने का जिम्मा सौंपा गया है।


