महाशिवरात्रि पर शिवमय हुआ आरा, मंदिरों में आस्था का सैलाब:भक्तों ने दूध, बेलपत्र, चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की; शाम में बाबा की निकलेगी बारात

महाशिवरात्रि पर शिवमय हुआ आरा, मंदिरों में आस्था का सैलाब:भक्तों ने दूध, बेलपत्र, चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की; शाम में बाबा की निकलेगी बारात

फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी के पावन अवसर पर महाशिवरात्रि का पर्व पूरे जिले में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। अहले सुबह से ही शिवभक्तों का सैलाब शहर और ग्रामीण इलाकों के मंदिरों व शिवालयों में उमड़ पड़ा है। श्रद्धालु गंगाजल, दूध और जल से भगवान शिव का अभिषेक कर बेलपत्र, धतूरा, भांग, आक के फूल और चंदन अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना कर रहे हैं। आरा शहर के प्रमुख शिवालयों सिद्धनाथ मंदिर, बुढ़वा महादेव मंदिर और पातालेश्वर महादेव मंदिर समेत अन्य शिवालयों में अहले सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। महिलाएं, पुरुष और युवा भक्त व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना कर रहे हैं। मंदिर परिसरों में हर-हर महादेव के जयघोष और भक्ति गीतों से माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। भगवान शिव से लिया आशीर्वाद मान्यता है कि इसी तिथि को भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था, इसलिए महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन व्रत, रात्रि जागरण और शिवलिंग का अभिषेक करने से दांपत्य जीवन में सुख-शांति आती है और जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं। श्रद्धालु इस दिन बेलपत्र, शमी पत्र, अक्षत, सुपारी, जनेऊ, नारियल, मिठाई और फल अर्पित कर भगवान शिव से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इस वर्ष महाशिवरात्रि का महत्व और भी विशेष बताया जा रहा है, क्योंकि ज्योतिषीय दृष्टि से इस दिन कुंभ राशि में चार प्रमुख राजयोग बन रहे हैं। बुध और सूर्य की युति से बुधादित्य राजयोग, बुध और शुक्र से लक्ष्मी नारायण राजयोग, सूर्य और शुक्र से शुक्रादित्य योग तथा शनि के कुंभ में स्थित होने से शश महापुरुष राजयोग का निर्माण हो रहा है। साथ ही सूर्य, बुध, शुक्र और राहु की उपस्थिति से चतुर्ग्रही योग भी बन रहा है, जिसे अत्यंत शुभ और फलदायी माना जा रहा है। आस्था की अनूठी छटा इसी आस्था और विश्वास के साथ श्रद्धालु पूरे दिन उपवास रखकर रात में भी पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन में जुटे रहेंगे। प्रशासन की ओर से मंदिरों में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालु सुगमता से पूजा कर सकें। महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर पूरा शहर शिवमय हो उठा है और हर ओर आस्था की अनूठी छटा देखने को मिल रही है। भव्य महाआरती के साथ बाबा भोलेनाथ की बारात महाशिवरात्री को लेकर आज बाबा भोलेनाथ के शुभ-विवाह और भव्य शिव बारात शोभायात्रा निकाली जाएगी। जिसकी तैयारी श्री शिव बारात शोभा यात्रा समिति के द्वारा पूरी कर ली गई है। फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि को शुभ मुहूर्त पर रामगढ़िया स्थित जानकी मंदिर में भव्य महाआरती के साथ बाबा भोलेनाथ की बारात सिद्धनाथ मंदिर, बिंद टोली के लिए प्रस्थान करेंगी। शिव बारात शोभायात्रा रामगढ़िया से प्रारंभ होकर चेता साह मंदिर, अबरपुल,चौक आर्य पथ,बड़ी चौक,गोपाली चौक,जेल रोड,शिवगंज,महादेवा,चित्र टोली, टाउन थाना,नाला रोड और श्रीराम चौक होते हुए बिंद टोली स्थित बाबा सिद्धनाथ मंदिर पहुंचेगी। जहां विधि–विधान के साथ बाबा का विवाह संपन्न कराया जाएगा। फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी के पावन अवसर पर महाशिवरात्रि का पर्व पूरे जिले में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। अहले सुबह से ही शिवभक्तों का सैलाब शहर और ग्रामीण इलाकों के मंदिरों व शिवालयों में उमड़ पड़ा है। श्रद्धालु गंगाजल, दूध और जल से भगवान शिव का अभिषेक कर बेलपत्र, धतूरा, भांग, आक के फूल और चंदन अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना कर रहे हैं। आरा शहर के प्रमुख शिवालयों सिद्धनाथ मंदिर, बुढ़वा महादेव मंदिर और पातालेश्वर महादेव मंदिर समेत अन्य शिवालयों में अहले सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। महिलाएं, पुरुष और युवा भक्त व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना कर रहे हैं। मंदिर परिसरों में हर-हर महादेव के जयघोष और भक्ति गीतों से माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। भगवान शिव से लिया आशीर्वाद मान्यता है कि इसी तिथि को भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था, इसलिए महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन व्रत, रात्रि जागरण और शिवलिंग का अभिषेक करने से दांपत्य जीवन में सुख-शांति आती है और जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं। श्रद्धालु इस दिन बेलपत्र, शमी पत्र, अक्षत, सुपारी, जनेऊ, नारियल, मिठाई और फल अर्पित कर भगवान शिव से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इस वर्ष महाशिवरात्रि का महत्व और भी विशेष बताया जा रहा है, क्योंकि ज्योतिषीय दृष्टि से इस दिन कुंभ राशि में चार प्रमुख राजयोग बन रहे हैं। बुध और सूर्य की युति से बुधादित्य राजयोग, बुध और शुक्र से लक्ष्मी नारायण राजयोग, सूर्य और शुक्र से शुक्रादित्य योग तथा शनि के कुंभ में स्थित होने से शश महापुरुष राजयोग का निर्माण हो रहा है। साथ ही सूर्य, बुध, शुक्र और राहु की उपस्थिति से चतुर्ग्रही योग भी बन रहा है, जिसे अत्यंत शुभ और फलदायी माना जा रहा है। आस्था की अनूठी छटा इसी आस्था और विश्वास के साथ श्रद्धालु पूरे दिन उपवास रखकर रात में भी पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन में जुटे रहेंगे। प्रशासन की ओर से मंदिरों में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालु सुगमता से पूजा कर सकें। महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर पूरा शहर शिवमय हो उठा है और हर ओर आस्था की अनूठी छटा देखने को मिल रही है। भव्य महाआरती के साथ बाबा भोलेनाथ की बारात महाशिवरात्री को लेकर आज बाबा भोलेनाथ के शुभ-विवाह और भव्य शिव बारात शोभायात्रा निकाली जाएगी। जिसकी तैयारी श्री शिव बारात शोभा यात्रा समिति के द्वारा पूरी कर ली गई है। फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि को शुभ मुहूर्त पर रामगढ़िया स्थित जानकी मंदिर में भव्य महाआरती के साथ बाबा भोलेनाथ की बारात सिद्धनाथ मंदिर, बिंद टोली के लिए प्रस्थान करेंगी। शिव बारात शोभायात्रा रामगढ़िया से प्रारंभ होकर चेता साह मंदिर, अबरपुल,चौक आर्य पथ,बड़ी चौक,गोपाली चौक,जेल रोड,शिवगंज,महादेवा,चित्र टोली, टाउन थाना,नाला रोड और श्रीराम चौक होते हुए बिंद टोली स्थित बाबा सिद्धनाथ मंदिर पहुंचेगी। जहां विधि–विधान के साथ बाबा का विवाह संपन्न कराया जाएगा।  

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