Good News: भारतीय रेल की बड़ी सौगात, राजस्थान में यहां 470 करोड़ की योजना से रेलखंड होगा डबल ट्रैक

Good News: भारतीय रेल की बड़ी सौगात, राजस्थान में यहां 470 करोड़ की योजना से रेलखंड होगा डबल ट्रैक

Ringas Sikar Railway Line: जयपुर। प्रदेश में रेल नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ी पहल करते हुए भारतीय रेल ने राजस्थान के रींगस–सीकर रेलखंड के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है। 470.34 करोड़ रुपये की लागत से 50.06 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक को डबल लाइन में बदला जाएगा। इससे न केवल परिचालन दक्षता बढ़ेगी, बल्कि यात्रियों को तेज, सुरक्षित और समयबद्ध रेल सेवा भी मिल सकेगी।

वर्तमान में क्षमता का 77 प्रतिशत उपयोग

उत्तर पश्चिम रेलवे के अंतर्गत आने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर वर्तमान में क्षमता का 77 प्रतिशत उपयोग हो रहा है, जो अगले कुछ वर्षों में 200 प्रतिशत से अधिक होने की संभावना है। ऐसे में दोहरीकरण भविष्य की यातायात मांग को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद प्रतिदिन दोनों दिशाओं में पांच अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन संभव होगा, जिससे यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे।

रींगस–सीकर रेलखंड दोहरीकरण : परियोजना विवरण

क्रमांक विवरण जानकारी
1 परियोजना का नाम रींगस–सीकर रेलखंड दोहरीकरण
2 कुल लागत 470.34 करोड़ रुपये
3 कुल लंबाई 50.06 किलोमीटर
4 रेलवे जोन उत्तर पश्चिम रेलवे
5 अतिरिक्त ट्रेन संचालन प्रतिदिन 5 ट्रेनें
6 माल ढुलाई क्षमता वृद्धि 2.36 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष
7 वर्तमान क्षमता उपयोग 77 प्रतिशत
8 भविष्य अनुमान 200% से अधिक यातायात क्षमता
9 प्रमुख लाभार्थी क्षेत्र रींगस, सीकर व आसपास का इलाका
10 प्रमुख उद्देश्य तेज, सुरक्षित और समयबद्ध रेल सेवा

क्षेत्र को संभावित लाभ

क्रमांक लाभ प्रभाव
1 यात्रा समय में कमी तेज और समय पर ट्रेन संचालन
2 पर्यटन को बढ़ावा खाटू श्यामजी व सालासर बालाजी पहुंच आसान
3 व्यापार वृद्धि माल ढुलाई तेज, लागत कम
4 स्थानीय उद्योग सशक्त बाजार से बेहतर कनेक्टिविटी
5 रोजगार के अवसर निर्माण व संचालन में नई नौकरियां
6 आर्थिक विकास क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति

माल ढुलाई में भी बड़ा इजाफा

माल ढुलाई में भी बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा। अनुमान है कि करीब 2.36 मीट्रिक टन प्रति वर्ष अतिरिक्त माल परिवहन संभव होगा, जिससे उद्योगों, व्यापारियों और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। यह रेलखंड धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे खाटू श्यामजी मंदिर और सालासर बालाजी मंदिर जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों तक पहुंचना अधिक आसान हो जाएगा।

ट्रेनों की समयपालन क्षमता सुधरेगी

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना से देरी में कमी आएगी, ट्रेनों की समयपालन क्षमता सुधरेगी और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। स्थानीय रोजगार, व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।

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