पटना गर्ल्स हॉस्टल: नीट छात्रा केस में CBI की बड़ी कार्रवाई, शंभू गर्ल्स हॉस्टल से जुटाए महत्वपूर्ण सबूत

पटना गर्ल्स हॉस्टल: नीट छात्रा केस में CBI की बड़ी कार्रवाई, शंभू गर्ल्स हॉस्टल से जुटाए महत्वपूर्ण सबूत

पटना का चर्चित नीट छात्रा के कथित रेप के बाद हत्या मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई)ने जांच शुरू कर दी है। सीबीआई की टीम शनिवार को पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में करीब तीन घंटे तक तलाशी करने के बाद कई अहम सुराग लेकर अपने साथ लेते गई। सीबीआई की टीम जिस कमरे में पीड़िता रहती थी, उसकी भी जांच की है। सीबीआई रात में हॉस्टल से करीब 4 बोरा में सामान लेकर निकली है। जहानाबाद की रहने वाली छात्रा इसी हॉस्टल में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी। 6 जनवरी को वो अपने कमरे में बेहोश मिली थी, आनन- फानन में उसे पास के अस्पताल में भर्ती
कराया गया था। जहां पर इलाज के दौरान 5 दिन बाद उसकी मौत हो गई थी।

सीबीआई को कई अहम सुराग मिले

सूत्रों के अनुसार सीबीआई की टीम कमरे से कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। सीबीआई छात्रा के भी कुछ सामान अपने साथ ले गई है। पुलिस के निर्देश पर कुछ दिन पहले ही इसको सील कर दिया गया था। इसमें रहने वाली कई छात्राओं को भी दूसरे हॉस्टल में शिफ्ट किया गया था। सीबीआई उनके पते भी एकत्रित किए हैं। उनसे भी सीबीआई पूछताछ कर सकती है। सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने शनिवार की देर रात जो कमरे से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य अपने साथ लेकर गई है, उसका बारीकी से जांच करेगी। तीन दिन पहले छात्राओं एवं उनके परिजन की मांग पर हॉस्टल को वरीय अधिकारियों की उपस्थिति और निगरानी में खोला गया था। छात्राओं के जो कुछ सामान हॉस्टल में रह गए थे वो उनको दे दिया गया था।

आज करेगी डॉक्टरों से पूछताछ

सीबीआई की टीम आज प्राइवेट अस्पतालों में भी जाएगी, जहां छात्रा का इलाज हुआ था। 6 जनवरी को छात्रा को सबसे पहले एक पास के अस्पताल में ले जाया गया था। उसके बाद प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल रेफर किया गया था। प्रभात मेमोरियल में पीड़िता का तीन दिनों तक इलाज चला। उसके बाद उसे 10 जनवरी को मेदांता अस्पताल शिफ्ट किया गया था, जहां उसने दम तोड़ दिया था। सीबीआई टीम सभी अस्पतालों के चिकित्सकों से जानकारी लेगी। इलाज के दौरान प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल की जांच पर परिजनों ने सवाल खड़े किए थे।

क्या है मामला

पीड़िता के परिजनों ने रेप के बाद छात्रा की हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस पर उन लोगों ने पूरे मामले को रफा दफा करने का आरोप लगाया था। दरअसल, यह विवाद पुलिस के बयान के बाद से ही शुरू हुआ। पुलिस इसे आत्महत्या का मामला बता रही थी, लेकिन छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट जब आई तो उसमें यौन उत्पीड़न की बात सामने आई। इसके बाद से पुलिस पर कई तरह के आरोप लगने लगे थे। हालांकि पुलिस ने इस मामले में हॉस्टल के मालिक को गिरफ्तार किया था। लेकिन, गर्ल्स हॉस्टल संचालिका को बिना पूछताछ के ही पुलिस ने छोड़ दिया था। इसके साथ ही इस केस की जांच के लिए गठित एसआईटी ने छात्रा को नाबालिग बताते हुए पॉक्सो एक्ट की धारा भी जोड़ी। एसआईटी की जांच में पता चला कि नीट छात्रा के अंडरगारमेंट्स में स्पर्म पाया गया था। उसके मिलान के लिए कई लोगों के डीएनए सैंपल लिए गए। इसमें कुछ परिजन और रिश्तेदार भी शामिल थे। इसपर परिजनों ने सवाल भी खड़े किए थे। इसके बाद ही सरकार ने पूरी जांच सीबीआई को सौंप दिया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *