मुंबई के मुलुंड (पश्चिम) इलाके में एलबीएस (LBS) रोड पर शनिवार दोपहर एक भीषण दुर्घटना घटी। वडाला से कासरवडवली के बीच निर्माणाधीन मेट्रो लाइन-4 का एक भारी-भरकम कंक्रीट स्लैब अचानक नीचे चल रहे वाहनों पर गिर गया। इस मलबे की चपेट में एक ऑटो रिक्शा और एक कार आ गई। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के एक गांव के सरपंच रामधनी यादव (55) की मौके पर ही मौत हो गई। वह अपने रिश्तेदारों के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए मुंबई आए थे और दो दिनों में वापस लौटने वाले थे। हादसे में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।
महाराष्ट्र के समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अबू आजमी ने बताया कि जौनपुर के मड़ियाहूं से सपा के ब्लॉक अध्यक्ष व ग्राम सभा भरथानी के प्रधान रामधनी यादव मुंबई के भांडुप में अपने रिश्तेदार के यहां शादी में शामिल होने आए थे, लेकिन मुलुंड हादसे में अपनी जान गंवा बैठे।
इन अधिकारियों पर गिरी गाज
मुलुंड पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए लापरवाही बरतने के आरोप में पांच अधिकारियों और कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में प्रोजेक्ट डायरेक्टर हरीश चौहान, प्रोजेक्ट मैनेजर कुलदीप सपकाल, डिप्टी मैनेजर सौरभ सिंह, सुपरवाइजर प्रशांत भोईर और प्रोजेक्ट मैनेजर अवधूत इनामदार शामिल हैं। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 105, 110, 324(5), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। शुरुआती जांच में पाया गया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण इतना बड़ा हादसा हो गया।
सरकार और MMRDA की कड़ी कार्रवाई
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निर्देश पर एक्जीक्यूटिव इंजीनियर सत्यजीत सालवे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे मेट्रो ब्रिज मार्ग का सेफ्टी और स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा, एमएमआरडीए (MMRDA) ने ठेकेदार कंपनियों पर भारी जुर्माना ठोक दिया है। हादसे के लिए जिम्मेदार मिलन इंफ्रा (Milan Infra) कंपनी पर 5 करोड़ रुपये और कंसल्टेंट लुई बर्गर (Louis Berger) कंपनी पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
15 लाख की आर्थिक सहायता की घोषणा
एमएमआरडीए ने मृतक रामधनी यादव के परिजनों के लिए 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्यों में सुरक्षा से समझौता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही, पूरे मेट्रो मार्ग का सेफ्टी और स्ट्रक्चरल ऑडिट करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसी कोई अनहोनी न हो। हादसे के कारण करीब सात घंटों तक एलबीएस रोड पर यातायात बाधित रहा, जिसे बाद में मलबा हटाकर फिर से सुचारू किया गया।
हादसे से जुड़ी अहम बातें
पूरे मेट्रो प्रोजेक्ट का निर्माण एमएमआरडीए कर रही है और इसे चार अलग-अलग चरणों में बांटा गया है। जिस चरण में यह हादसा हुआ, उसका काम टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड और चाइना हार्बर इंजीनियरिंग कंपनी के पास बताया गया है। जो हिस्सा गिरा उसे शुक्रवार रात में ही लगाया गया था। फिलहाल इस मामले की जांच मुलुंड पुलिस कर रही है। जबकि इस घटना की तकनीकी जांच करने के लिए मेट्रो निदेशक बसवराज एमबी की अध्यक्षता में एमएमआरडीए ने एक समिति का गठन किया है।


