स्थापना दिवस पर पूर्णिया को बड़ी प्रशासनिक सौगात मिली है। जिले में अब ग्रामीण एसपी भी होंगे। ग्रामीण एसपी के अधीन बायसी, बनमनखी और धमदाहा एसडीपीओ के अलावा 18 थाने होंगे। अब शहर और गांव की पुलिस व्यवस्था अलग-अलग अधिकारियों के जिम्मे होगी, जिससे कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। पूर्णिया बिहार का एक प्रमुख और ऐतिहासिक जिला है। ये सीमांचल का सेंटर प्वाइंट और सबसे बड़ा मेडिकल हब है। गुलाबबाग मंडी न सिर्फ एशिया की सबसे बड़ी मंडियों में शामिल है, बल्कि बैक बोन भी है। जिले का इलाका काफी बड़ा है और कई थाना क्षेत्र पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे हुए हैं। ऐसे में एक ही एसपी के लिए पूरे जिले की निगरानी करना मुश्किल हो रहा था। इसी वजह से सरकार ने यह अहम फैसला लिया है। तीन अनुमंडलों के थाना क्षेत्र ग्रामीण एसपी के अधीन रहेंगे। बायसी अनुमंडल के बायसी, डगरूआ, अमौर, रौटा और अनगढ़ थाना अब ग्रामीण एसपी देखेंगे। ये इलाका सीमावर्ती होने के कारण संवेदनशील माना जाता है।
पूर्णिया में पुलिस व्यवस्था मजबूत होगी
धमदाहा अनुमंडल के धमदाहा, मीरगंज, रूपौली, बड़हारा, रघुवंशनगर, भवानीपुर, बलिया, अकबरपुर और मोहनपुर थाना क्षेत्र भी ग्रामीण एसपी की निगरानी में रहेंगे। बनमनखी अनुमंडल के जानकीनगर और सरसी थाना को भी ग्रामीण एसपी के दायरे में शामिल किया गया है। वहीं, सदर-1 और सदर-2 के शहरी थाना क्षेत्र पहले की तरह जिला एसपी के अधीन ही काम करेंगे। अब शहर और गांव की पुलिस व्यवस्था अलग-अलग तरीके से संचालित होगी। जिले में सिटी एसपी के पद के सृजन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसके लिए पिछले 5 सालों में दर्ज आपराधिक मामलों की रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजी जा चुकी है। अगर सिटी एसपी का पद भी बनता है, तो पूर्णिया की पुलिस व्यवस्था और मजबूत होगी। स्थापना दिवस के अवसर पर मिली ये सौगात जिले के लिए अहम मानी जा रही है स्थापना दिवस पर पूर्णिया को बड़ी प्रशासनिक सौगात मिली है। जिले में अब ग्रामीण एसपी भी होंगे। ग्रामीण एसपी के अधीन बायसी, बनमनखी और धमदाहा एसडीपीओ के अलावा 18 थाने होंगे। अब शहर और गांव की पुलिस व्यवस्था अलग-अलग अधिकारियों के जिम्मे होगी, जिससे कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। पूर्णिया बिहार का एक प्रमुख और ऐतिहासिक जिला है। ये सीमांचल का सेंटर प्वाइंट और सबसे बड़ा मेडिकल हब है। गुलाबबाग मंडी न सिर्फ एशिया की सबसे बड़ी मंडियों में शामिल है, बल्कि बैक बोन भी है। जिले का इलाका काफी बड़ा है और कई थाना क्षेत्र पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे हुए हैं। ऐसे में एक ही एसपी के लिए पूरे जिले की निगरानी करना मुश्किल हो रहा था। इसी वजह से सरकार ने यह अहम फैसला लिया है। तीन अनुमंडलों के थाना क्षेत्र ग्रामीण एसपी के अधीन रहेंगे। बायसी अनुमंडल के बायसी, डगरूआ, अमौर, रौटा और अनगढ़ थाना अब ग्रामीण एसपी देखेंगे। ये इलाका सीमावर्ती होने के कारण संवेदनशील माना जाता है।
पूर्णिया में पुलिस व्यवस्था मजबूत होगी
धमदाहा अनुमंडल के धमदाहा, मीरगंज, रूपौली, बड़हारा, रघुवंशनगर, भवानीपुर, बलिया, अकबरपुर और मोहनपुर थाना क्षेत्र भी ग्रामीण एसपी की निगरानी में रहेंगे। बनमनखी अनुमंडल के जानकीनगर और सरसी थाना को भी ग्रामीण एसपी के दायरे में शामिल किया गया है। वहीं, सदर-1 और सदर-2 के शहरी थाना क्षेत्र पहले की तरह जिला एसपी के अधीन ही काम करेंगे। अब शहर और गांव की पुलिस व्यवस्था अलग-अलग तरीके से संचालित होगी। जिले में सिटी एसपी के पद के सृजन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसके लिए पिछले 5 सालों में दर्ज आपराधिक मामलों की रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजी जा चुकी है। अगर सिटी एसपी का पद भी बनता है, तो पूर्णिया की पुलिस व्यवस्था और मजबूत होगी। स्थापना दिवस के अवसर पर मिली ये सौगात जिले के लिए अहम मानी जा रही है


