एमजीएम:बिना सर्टिफिकेट खरीदी 8 करोड़ की मशीनें, EOW में शिकायत

एमजीएम:बिना सर्टिफिकेट खरीदी 8 करोड़ की मशीनें, EOW में शिकायत

एमजीएम मेडिकल कॉलेज में 6 करोड़ की जीनोम सीक्वेंसिंग मशीन सहित अन्य उपकरणों की कुल 8 करोड़ की खरीदी में अनियमितता का मामला सामने आया है। इसको लेकर ईओडब्ल्यू में शिकायत भी हुई है। शिकायतकर्ता राकेश भाभर ने कॉलेज के एमडीआरयू विभाग की मांग पर टर्न-की आधारित हुए इस टेंडर में कंपनी के पास CDSCO सर्टिफिकेट नहीं होने समेत कई खामियों का जिक्र किया है। खास बात यह है कि टेंडर कमेटी पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा 6 करोड़ की जो मशीन सप्लाई हुई है उसका मॉडल टेंडर में बताए मॉडल से अलग है। सर्टिफिकेट क्यों जरूरी
सर्टिफिकेट केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) यह प्रमाणित करता है कि कोई मेडिकल मशीन, उपकरण या दवा भारत में इस्तेमाल के लिए सुरक्षित, मानक के अनुरूप और कानूनी है। यह सर्टिफिकेट सरकारी अस्पतालों/मेडिकल कॉलेजों में खरीदी के टेंडर की मुख्य शर्तों में होता है। जिस कंपनी ने उपकरण की डिटेल नहीं दी, उसे योग्य मान लिया प्री-बिड मीटिंग में एक कंपनी ने आवश्यक शर्त में CDSCO सर्टिफिकेट जरूरी नहीं करने का सुझाव दिया। प्रबंधन ने इसे खारिज कर सर्टिफिकेट अनिवार्य किया। बाद में उसी कंपनी से मशीनें लेकर सप्लाई की गई। मशीन आने तक भी सर्टिफिकेट नहीं दिया।
25 सितंबर 2025 को जारी टेंडर में तत्व द लाइफ को इक्विपमेंट की डिटेल दिए बिना ही योग्य मान लिया।
कंपनी ने जिन तीन निर्माताओं के ऑथराइजेशन लेटर पेश किए, उनमें दो पर सिर्फ साइन हैं, तीसरे पर न साइन है न सील, नोटरी भी नहीं हैं।
6 करोड़ की सीक्वेंसर मशीन का वास्तविक नंबर और दस्तावेज में नंबर अलग-अलग है। टेंडर में एक ही सप्लायर होता है टर्न-की टेंडर में एक ही सप्लायर की जिम्मेदारी तय होती है। 28 मशीनें एमडीआरयू और 2 पैथोलॉजी के लिए आईं, लेकिन दोनों के लिए अलग-अलग सप्लायर को ठेका दिया गया। मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। टेंडर कमेटी ही आपको बता सकती है। -डॉ. अरविंद घनघोरिया, डीन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज सीधी बात – डॉ. शिखा घनघोरिया, अध्यज्ञ, टेंडर कमेटी एमजीएम ने कुछ नई मशीनें मंगवाई हैं, ये किन विभागों के लिए आई हैं?
-मशीनों की जरूरत एमडीआरयू और पैथोलॉजी विभाग की तरफ से आई थी।
आप अध्यक्ष थीं, आपको खरीदी का अनुभव है?
– नहीं, मैं इसके पहले किसी कमेटी में नहीं रही हूं। {मशीनों के लिए CDSCO सर्टिफिकेट अनिवार्य था, लेकिन सर्टिफिकेट नहीं आए।
– सप्लायर के पास सर्टिफिकेट हैं। टेंडर शाखा में सर्टिफिकेट जमा किए गए हैं।

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