जमुई के बरहट प्रखंड में कियुल नदी तट पर स्थित पत्नेश्वर धाम महाशिवरात्रि पर्व को लेकर पूरी तरह सज-धज कर तैयार है। भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह उत्सव के आयोजन को लेकर मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक फूलों से सजाया गया है। शाम ढलते ही पूरा परिसर दूधिया रोशनी से जगमगा उठता है, जिससे श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। मंदिर के मुख्य पुजारी राजीव कुमार पांडेय ने बताया कि महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार देर रात वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती का विवाह संपन्न कराया जाएगा। विवाह से पहले शाम 6 से 7 बजे के बीच बाबा की भव्य बारात मंदिर परिसर से निकाली जाएगी, जो पतौना चौक और मलयपुर बस्ती होते हुए खैरमा मार्ग से दोबारा मंदिर लौटेगी। शिवभक्तों की टोलियां पत्नेश्वर धाम पहुंच चुकी शिव-विवाह के इस भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए आसपास के गांवों के साथ-साथ अन्य जिलों से भी शिवभक्तों की टोलियां पत्नेश्वर धाम पहुंच चुकी हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए पूजा समिति की ओर से प्रसाद और भोजन की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस धार्मिक अनुष्ठान में भाग ले सकें। 11 दिवसीय अखंड रामधुन यज्ञ का आयोजन पत्नेश्वर धाम में प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर शिव-विवाह का भव्य आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी 11 दिवसीय अखंड रामधुन यज्ञ का आयोजन किया गया है। स्थानीय मान्यता है कि सावन माह में कियुल नदी में स्नान कर सच्चे मन से भगवान शिव का जलाभिषेक करने से श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और रोगों से मुक्ति मिलती है। महाशिवरात्रि को लेकर पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है और प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा व यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जमुई के बरहट प्रखंड में कियुल नदी तट पर स्थित पत्नेश्वर धाम महाशिवरात्रि पर्व को लेकर पूरी तरह सज-धज कर तैयार है। भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह उत्सव के आयोजन को लेकर मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक फूलों से सजाया गया है। शाम ढलते ही पूरा परिसर दूधिया रोशनी से जगमगा उठता है, जिससे श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। मंदिर के मुख्य पुजारी राजीव कुमार पांडेय ने बताया कि महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार देर रात वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती का विवाह संपन्न कराया जाएगा। विवाह से पहले शाम 6 से 7 बजे के बीच बाबा की भव्य बारात मंदिर परिसर से निकाली जाएगी, जो पतौना चौक और मलयपुर बस्ती होते हुए खैरमा मार्ग से दोबारा मंदिर लौटेगी। शिवभक्तों की टोलियां पत्नेश्वर धाम पहुंच चुकी शिव-विवाह के इस भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए आसपास के गांवों के साथ-साथ अन्य जिलों से भी शिवभक्तों की टोलियां पत्नेश्वर धाम पहुंच चुकी हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए पूजा समिति की ओर से प्रसाद और भोजन की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस धार्मिक अनुष्ठान में भाग ले सकें। 11 दिवसीय अखंड रामधुन यज्ञ का आयोजन पत्नेश्वर धाम में प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर शिव-विवाह का भव्य आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी 11 दिवसीय अखंड रामधुन यज्ञ का आयोजन किया गया है। स्थानीय मान्यता है कि सावन माह में कियुल नदी में स्नान कर सच्चे मन से भगवान शिव का जलाभिषेक करने से श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और रोगों से मुक्ति मिलती है। महाशिवरात्रि को लेकर पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है और प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा व यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।


