सिटी रिपोर्टर|बेतिया जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक आरके निखिल ने जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड जीविका दीदियों के लिए मिल की पत्थर साबित होगी। उन्हें15 हजार से 2 लाख रुपये तक का ऋण जीविका निधि के माध्यम से बहुत आसानी से मुहैया कराया जाएगा जिससे वे अपने स्वरोजगार और उद्यमों को और भी विस्तार दे सकेंगी। शनिवार को जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला को संबोधित करते हुए डीपीएम ने कही। कार्यशाला में 18 प्रखंडों के जीविका परियोजना के कर्मी शामिल हुए। जीविका निधि की संरचना, कार्य प्रणाली और उपयोगिता को लेकर बेहतर समझ विकसित करना था। जीविका निधि का लक्ष्य महिलाओं को कम ब्याज दर पर डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से त्वरित ऋण उपलब्ध कराना तथा उन्हें निजी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की निर्भरता से मुक्त कराना है। कार्यशाला का उद्घाटन अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर किया। मुख्य अतिथि प्रोजेक्ट मैनेजर कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट सतीश कुमार ने बताया कि यह संस्था कोऑपरेटिव एक्ट 1996 के अंतर्गत पंजीकृत है। उन्होंने कहा कि जीविका निधि महिला संकुल संघों के यूनियन के रूप में कार्य करेगा और प्रत्येक संकुल संघ द्वारा 25 लाख रुपये की अंश पूंजी जमा की जाएगी। निधि के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को नीतिगत निर्णय लेने का अधिकार होगा, जबकि जीविका के मुख्य कार्यपालक अधिकारी इसके मैनेजिंग डायरेक्टर होंगे। राज्य कार्यालय के प्रतिनिधि अनूप कुमार ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से निधि से संबंधित विस्तृत जानकारी दी और प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान किया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया की अगले 10 दिनों में जिला के सभी संकुल संघों में उन्मुखीकरण कर लेना है। अंत जिला कम्युनिटी फाइनेंस मैनेजर अनिल कुमार दीपक ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। सिटी रिपोर्टर|बेतिया जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक आरके निखिल ने जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड जीविका दीदियों के लिए मिल की पत्थर साबित होगी। उन्हें15 हजार से 2 लाख रुपये तक का ऋण जीविका निधि के माध्यम से बहुत आसानी से मुहैया कराया जाएगा जिससे वे अपने स्वरोजगार और उद्यमों को और भी विस्तार दे सकेंगी। शनिवार को जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला को संबोधित करते हुए डीपीएम ने कही। कार्यशाला में 18 प्रखंडों के जीविका परियोजना के कर्मी शामिल हुए। जीविका निधि की संरचना, कार्य प्रणाली और उपयोगिता को लेकर बेहतर समझ विकसित करना था। जीविका निधि का लक्ष्य महिलाओं को कम ब्याज दर पर डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से त्वरित ऋण उपलब्ध कराना तथा उन्हें निजी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की निर्भरता से मुक्त कराना है। कार्यशाला का उद्घाटन अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर किया। मुख्य अतिथि प्रोजेक्ट मैनेजर कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट सतीश कुमार ने बताया कि यह संस्था कोऑपरेटिव एक्ट 1996 के अंतर्गत पंजीकृत है। उन्होंने कहा कि जीविका निधि महिला संकुल संघों के यूनियन के रूप में कार्य करेगा और प्रत्येक संकुल संघ द्वारा 25 लाख रुपये की अंश पूंजी जमा की जाएगी। निधि के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को नीतिगत निर्णय लेने का अधिकार होगा, जबकि जीविका के मुख्य कार्यपालक अधिकारी इसके मैनेजिंग डायरेक्टर होंगे। राज्य कार्यालय के प्रतिनिधि अनूप कुमार ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से निधि से संबंधित विस्तृत जानकारी दी और प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान किया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया की अगले 10 दिनों में जिला के सभी संकुल संघों में उन्मुखीकरण कर लेना है। अंत जिला कम्युनिटी फाइनेंस मैनेजर अनिल कुमार दीपक ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।


