इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वेतन निर्धारण की विभागीय गलती से बिना सुनवाई का मौका दिए, वसूली के खिलाफ याचिका पर सी एम् ओ एटा को याची को सुनकर नये सिरे से आदेश पारित करने का निर्देश दिया है और कहा है कि नये आदेश के बाद ही वेतन का पुनर्निर्धारण व वसूली कार्यवाही की जाय। यह आदेश न्यायमूर्ति विकास बुधवार ने मलेरिया इंस्पेक्टर लोकमान सिंह की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याची का कहना था कि याची की नियुक्ति मृतक आश्रित कोटे में 22 मई 2004 को की गई थी। समय आने पर नियमानुसार दो बार वेतनमान बढ़ाया गया।और 18 जून 25 को अपर निदेशक मलेरिया एवं वी डी डी उ प्र लखनऊ ने सामान्य आदेश जारी कर दिया गया गलत मान दुरुस्त करने का निर्देश दिया। जिसके अनुपालन में सी एम् ओ एटा ने 16 जनवरी 26 को प्रश्नगत आदेश दिया।जिसे चुनौती दी गई थी। याची का कहना था कि उसे नोटिस नहीं दी गई और बिना सुने उसके खिलाफ आदेश दिया गया है जिसे रद किया जाय।जिस पर कोर्ट ने याची को सुनकर आदेश पारित करने का सी एम् ओ को आदेश दिया है।


