पी. साईनाथ ने बढ़ती असमानता पर चिंता जताई:लखनऊ में आर्थिक, सामाजिक असमानता पर हुईं चर्चा

पी. साईनाथ ने बढ़ती असमानता पर चिंता जताई:लखनऊ में आर्थिक, सामाजिक असमानता पर हुईं चर्चा

वरिष्ठ पत्रकार और लेखक पी. साईनाथ ने देश में बढ़ती असमानता पर गंभीर चिंता व्यक्त की। रेमन मैगासेसे पुरस्कार से सम्मानित साईनाथ ने कहा कि भारत इस समय आर्थिक, सामाजिक, लैंगिक और भाषाई असमानता के दौर से गुजर रहा है,जो समाज को कमजोर कर रही है। ‘जन विचार मंच’ की ओर से लखनऊ के कैफी आज़मी सभागार में ‘असमानता के दौर में मीडिया’ विषय पर यह संगोष्ठी आयोजित की गई थी।मुख्य वक्ता के रूप में साईनाथ ने जोर दिया कि जब तक काम का अधिकार और शिक्षा का अधिकार मूल अधिकारों में शामिल नहीं होंगे,तब तक असमानता कम नहीं की जा सकती। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2004 में लोकसभा के 30 प्रतिशत सांसद करोड़पति थे,जो 2024 तक बढ़कर 93 प्रतिशत हो गए हैं। अपने बच्चों की शादी नहीं कर पा रहे साईनाथ ने असमानता के अन्य उदाहरण भी दिए। उन्होंने बताया कि जहां एक ओर अमीर तबके में शादियों पर अत्यधिक खर्च हो रहा है, वहीं महाराष्ट्र में तीन लाख परिवार आर्थिक तंगी के कारण अपने बच्चों की शादी नहीं कर पा रहे हैं।उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि संयुक्त राष्ट्र की मानव विकास रिपोर्ट में भारत 134वें स्थान पर रहा, जबकि देश में डॉलर अरबपतियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने मीडिया की भूमिका पर भी टिप्पणी की।उनके अनुसार,आज मीडिया और पत्रकारिता अलग-अलग राह पर चल पड़े हैं।पत्रकारिता का मूल उद्देश्य आम जनता की आवाज उठाना था, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मुनाफा कमाना प्राथमिक लक्ष्य बन गया है। ग्रामीण समस्याओं को प्रमुखता मिलती थी साईनाथ ने अपनी चर्चित किताब ‘तगड़ा सूखा सबके मन भावे’ का भी जिक्र किया।उन्होंने बताया कि इस पुस्तक का 12 भारतीय भाषाओं में अनुवाद हो चुका है और इसके 68 संस्करण प्रकाशित हुए हैं। संगोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार नवीन जोशी ने की। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि पहले हिंदी अखबारों में ‘गाँव की चिट्ठी’ जैसे कॉलम के जरिए ग्रामीण समस्याओं को प्रमुखता मिलती थी,लेकिन अब ऐसी खबरों का स्थान कम होता जा रहा है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र,लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *