कानपुर के घाटमपुर तहसील क्षेत्र में तहसील प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम जहांगीराबाद की करोड़ों रुपये मूल्य की ग्राम सभा भूमि को भूमाफियाओं से मुक्त करा लिया। “ऑपरेशन ब्लैक शीप्स एंड शार्क्स हंट” के तहत की गई इस कार्रवाई में कुल 09 गाटों की लगभग 1.805 हेक्टेयर (करीब 02 हेक्टेयर) हाईवे से सटी बेशकीमती जमीन को पुनः ग्राम सभा की श्रेणी में दर्ज कर संरक्षित किया गया है। इन भूमियों की अनुमानित बाजार कीमत 5 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। शिकायत पर गठित हुई जांच टीम सम्पूर्ण समाधान दिवस में शिकायत प्राप्त होने के बाद उपजिलाधिकारी घाटमपुर अबिचल प्रताप सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी तहसीलदार घाटमपुर अंकिता पाठक की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की। त्वरित और विधिवत जांच में पाया गया कि ग्राम सभा की भूमि में निजी खातेदारों के रूप में फर्जी प्रविष्टियां कराई गई थीं। जांच के उपरांत इन छल साधित प्रविष्टियों को निरस्त कर दिया गया और खतौनी में भूमि को पुनः ग्राम सभा के नाम दर्ज कर लिया गया। बोर्ड लगाकर किया गया संरक्षण, फेंसिंग भी जारी कार्रवाई के अगले चरण में प्रशासन ने संबंधित गाटों पर बोर्ड लगाकर जमीन को संरक्षित कर लिया है। साथ ही फेंसिंग की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, ताकि भविष्य में दोबारा अवैध कब्जे या फर्जीवाड़े की आशंका न रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ग्राम सभा की अन्य भूमियों के संबंध में भी जांच जारी है। दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई उपजिलाधिकारी अबिचल प्रताप सिंह ने कहा कि ग्राम सभा अथवा अन्य शासकीय संपत्ति को अवैध और अनधिकृत तरीके से छल एवं फर्जीवाड़ा कर प्राप्त करने का मामला संज्ञान में आया था। तहसील प्रशासन ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए भूमि को संरक्षित कर दिया है। आगे की जांच गतिमान है और दोषियों के विरुद्ध कठोर एवं नज़ीर पेश करने वाली विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


