मुंगेर के माधोपुर में अंतर्राष्ट्रीय लीफ आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने महाशिवरात्रि के अवसर पर पीपल के पत्ते पर भगवान शिव और माता पार्वती की सूक्ष्म कलाकृति बनाई है। उन्होंने इस कलाकृति के माध्यम से विश्व शांति का संदेश दिया है। मधुरेंद्र कुमार ने शनिवार की पूर्व संध्या पर लगभग 5 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद मात्र 3 सेंटीमीटर के पीपल के हरे पत्ते पर यह मनमोहक आकृति उकेरी। इस सूक्ष्म कलाकृति के साथ उन्होंने ‘वर्ल्ड पीस’ लिखकर संपूर्ण विश्व में शांति का आह्वान किया। पत्रकारों से बातचीत में लीफ आर्टिस्ट ने बताया कि विश्व में बढ़ती युद्ध और अशांति की घटनाओं से वह आहत हैं। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के उपलक्ष्य में मनाई जाती है, जो शिव और शक्ति के पवित्र मिलन का प्रतीक है। मधुरेंद्र कुमार ने जोर दिया कि वर्तमान समय में विश्व जिस प्रकार अशांति और संघर्ष से गुजर रहा है, ऐसे में भगवान शिव का शांति और कल्याण का संदेश अति प्रासंगिक है। इस बीच, महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या से मुंगेर शहर शिवमय हो गया है। शहर के मंदिर रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजाए गए हैं। भक्तों में उत्साह और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। मुंगेर के माधोपुर में अंतर्राष्ट्रीय लीफ आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने महाशिवरात्रि के अवसर पर पीपल के पत्ते पर भगवान शिव और माता पार्वती की सूक्ष्म कलाकृति बनाई है। उन्होंने इस कलाकृति के माध्यम से विश्व शांति का संदेश दिया है। मधुरेंद्र कुमार ने शनिवार की पूर्व संध्या पर लगभग 5 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद मात्र 3 सेंटीमीटर के पीपल के हरे पत्ते पर यह मनमोहक आकृति उकेरी। इस सूक्ष्म कलाकृति के साथ उन्होंने ‘वर्ल्ड पीस’ लिखकर संपूर्ण विश्व में शांति का आह्वान किया। पत्रकारों से बातचीत में लीफ आर्टिस्ट ने बताया कि विश्व में बढ़ती युद्ध और अशांति की घटनाओं से वह आहत हैं। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के उपलक्ष्य में मनाई जाती है, जो शिव और शक्ति के पवित्र मिलन का प्रतीक है। मधुरेंद्र कुमार ने जोर दिया कि वर्तमान समय में विश्व जिस प्रकार अशांति और संघर्ष से गुजर रहा है, ऐसे में भगवान शिव का शांति और कल्याण का संदेश अति प्रासंगिक है। इस बीच, महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या से मुंगेर शहर शिवमय हो गया है। शहर के मंदिर रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजाए गए हैं। भक्तों में उत्साह और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।


