झालावाड़. राजकीय जिला चिकित्ससालय सैटेलाइट में सुपरस्पेशियलिटी सेवाओं की सुविधा मिलने लगी है। ऐसे में ग्रामीण मरीजों को यहां कई बीमारियों के इलाज में सहायता मिलेगी। मरीजों की संख्या बढ़ाने से झालावाड़ मेडिकल कॉलेज का भार कम होगा। यहां सप्ताह में दो दिन ऑपरेशन भी होने लगे है। सैटेलाइट चिकित्सालय का विस्तार जल्द होगा। यहां दूसरी मंजिल पर 50 करोड़ रूपए की लागत से दूसरी मंजिल का निर्माण करवाया जाएगा। जिसमें कई विभाग खुलने से मरीजों को मेडिकल कॉलेज स्तर की सुविधाएं मुहैया हो सकेंगी। सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे एवं सांसद दुष्यंत सिंह ने 25 दिसंबर को हुए कार्यक्रम यहां बनने वाले भवन का वर्चुअल शिलान्यास किया था। राज्य सरकार ने बजट सत्र में चिकित्सालय को जिला चिकित्सालय में क्रमोन्नत किया था। जिसके भवन निर्माण के लिए 50 करोड रुपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है,निविदाएं आमंत्रित कर कार्यादेश भी जारी कर दिया गया है।
दूसरी मंजिल पर ये विभाग खुलेंगे-
एनएचएम सहायक अभियंता मिलाप गुप्ता ने बताया कि जिला चिकित्सालय के द्वितीय तल पर आईसीयू, सीसीआईसीयू, डायलेसिस वार्ड, ऑपरेशन थिएटर व ओपीडी कक्ष बनाए जाएंगे। चिकित्सालय परिसर में पृथक से एमसीएच विंग मेटरनिटी चाइल्ड हेल्प विंग का निर्माण कराया जाएगा। जिसमें अलग से मातृत्व केयर वार्ड व जननी सुरक्षा वार्ड का निर्माण होगा। वर्तमान में जिला चिकित्सालय का ओपीडी 1050 से 1100 प्रति दिवस चल रहा है। वहीं लगभग सभी बेडस फुल चलते हैं। 24 गुना 7 प्रसव सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में यहां भवनविस्तार की खासी जरूरत महसूस हो रही थी, ऐसे में 50 करोड़ की लागत से ये भवन बनने के बाद सभी परेशानी से निजात मिल सकेंगी।
क्रिटिकल केयर यूनिट भी बनेंगी-
जिला चिकित्सालय के द्वितीय तल पर ब्लड बैंक, क्रिटिकल केयर, आईसीयू, एनआईसीयू, मेजर ऑपरेशन थिएटर व 2 माइनर ऑपरेशन थिएटर का निर्माण होगा। ऐसे में यहां कई तरह की सुविधाएं मरीजों को मिलेगी। जिला चिकित्सालय ट्रॉमा सेंटर भी विकसित किया जा रहा है। यह अस्पताल भवन राष्ट्रीय राजमार्ग 52 से जुड़ा हुआ है। वर्तमान में यहां सोनोलॉजिस्ट डॉ. हरिप्रसाद लकवाल कार्यरत हैं। यहां पर प्रतिदिन 40 से 50 सोनोग्राफी नि:शुल्क की जाती हैं। निदेशालय से यहां एक पीसीपीएनडीटी चिकित्सक का पदस्थापन किया है। कोटा के बाद झालरापाटन जिला चिकित्सालय भवन ही राष्ट्रीय राजमार्ग से नजदीक है। इसके बाद 50 किमी दूरी पर सैटेलाइट अस्पताल अकलेरा आता है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की मिलेगी सुविधाएं-
विभाग ने जिला चिकित्सालय में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ.शरद दसाया, पीएसएम डॉ.सुधानंद, चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश कुमार, डॉ. सत्यजीत सिंह व सोनोलॉजिस्ट डॉ.तेजराम मीणा को लगाया है। इन्होने जिला चिकित्सालय में ज्वाइन भी कर लिया है। चिकित्सालय में प्रतिदिन डायलिसिस की सेवाएं उपलब्ध हैं यहां पर अभी तक प्रधानमंत्री निशुल्क के डायलिसिस योजना के तहत 46 रोगियों की निशुल्क डायलिसिस हुई है।
होने लगे बड़े ऑपरेशन-
मेडिकल कॉलेज से सप्ताह में 2 दिन बुधवार व शनिवार को जिला चिकित्सालय में डॉ. शकील खान सर्जरी की सेवाएं दे रहे हैं। इन्होंने पिछले चार माह में 162 सर्जरी ऑपरेशन किए हैं। यहां पर हर्निया, हिस्ट्रेकटोमी, एपेंडिक्स सिजेरियन व अन्य सर्जरी की सेवाएं मिल रही हैं। सप्ताह में दो दिन बुधवार और शनिवार को चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ.शुभम पाटीदार, फिजियोथैरेपिस्टडॉ.किशन वर्मा सेवाएं दे रहे हैं। चिकित्सालय में इनके अलावा 11 अन्य चिकित्सक नियमित सेवाएं दे रहे हैं।


