14 फरवरी, शनिवार को राष्ट्रीय कला रंग भारती एवं आराध्या प्रकाशन के तत्वावधान में डॉ. कुमार प्रशांत मानव द्वारा लिखित पुस्तक बुक ऑफ लाइफ के चतुर्थ संस्करण का गरिमामय विमोचन रघुनाथ गर्ल्स इंटर कॉलेज में किया गया। कार्यक्रम के दूसरे चरण में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ, जिसमें विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रदीप अग्रवाल तथा विद्यालय की प्राचार्या डॉ. रजनी रानी शंखधार का शाल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। विधिवत शुभारंभ कवयित्री डॉ. शुभम त्यागी द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ। कवि सम्मेलन में देशभक्ति, सामाजिक सरोकार और जीवन मूल्यों से ओत-प्रोत रचनाओं ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। सुदेश यादव ‘दिव्य’ ने ओजस्वी स्वर में पढ़ा—
“संभल कर बोलना हमसे बहुत मुंहजोर हैं हम भी, बुलंदी पर खड़े थे तुम तो आता दौर हैं हम भी। डुबाने के सनम तेवर दिखाना सोच कर हमको, अगर दरिया तुम्हें कहते तो गोताखोर हैं हम भी।” मुख्य अतिथि प्रदीप अग्रवाल ने आत्ममंथन पर आधारित पंक्तियाँ सुनाईं—
“रईसों से शहर भरा पड़ा है, सुकून से मालामाल कोई-कोई है, जिसकी खुद से मुलाकात होती है।” डॉ. शुभम त्यागी ने शहीदों को समर्पित रचना प्रस्तुत की—
“शहीदों की चलो मिलकर के कोई बात हो जाए, कहानी अब शहीदों की नई सौगात हो जाए।” संजीव त्यागी ‘निडर’ ने सैनिकों के साहस को नमन करते हुए कहा—
“सरहद का दीवानापन हो उसको सैनिक कहते हैं, जो मृत्यु का आलिंगन करता उसको सैनिक कहते हैं।” ईश्वर चंद गंभीर, संजय जैन ‘सत्यम’ एवं नीलम मिश्रा ‘तरंग’ ने भी प्रभावशाली काव्य पाठ कर वातावरण को देशभक्ति और संवेदना से ओत-प्रोत कर दिया। कार्यक्रम में अनिरुद्ध गोयल, संजय शर्मा, इंदिरा राम, अवतार त्यागी एवं रजनीश शर्मा का विशेष सहयोग रहा। संयोजक सुदेश यादव ‘दिव्य’ रहे तथा सफल संचालन डॉ. शुभम त्यागी ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।


