कुशेश्वरस्थान अंचल कार्यालय में वकील-सीओ के बीच नोकझोंक:दरभंगा में विजय सिन्हा ने दिया था आश्वासन; पीड़ित ने गलत व्यवहार करने का लगाया आरोप

कुशेश्वरस्थान अंचल कार्यालय में वकील-सीओ के बीच नोकझोंक:दरभंगा में विजय सिन्हा ने दिया था आश्वासन; पीड़ित ने गलत व्यवहार करने का लगाया आरोप

दरभंगा के कुशेश्वरस्थान अंचल कार्यालय में आज जमीन विवाद के मामले को लेकर एसोसिएशन के कार्यकारी सदस्य, अधिवक्ता राहुल भारद्वाज और सीओ राकेश सिंह यादव के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि कार्यालय परिसर में हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई। 28 जनवरी को दरभंगा में आयोजित बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के भूमि विभाग से जुड़े जन संवाद कार्यक्रम में राहुल भारद्वाज अपनी जमीन के मामले को लेकर पहुंचे थे। वहां उन्हें आश्वासन दिया गया था कि अंचलाधिकारी को निर्देश दे दिया गया है और उनका काम हो जाएगा। अपमानजनक व्यवहार करने का लगाया आरोप इसी सिलसिले में वे 14 फरवरी 2026 को मौजा औराही स्थित अपनी जमीन के विवाद को लेकर अंचल कार्यालय पहुंचे थे। राहुल भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सुनवाई के दौरान सीओ ने उनके साथ बदतमीजी, गाली-गलौज और अपमानजनक व्यवहार किया। उन्होंने यह भी कहा कि अंचलगार्ड ने उनका मोबाइल छीनने का प्रयास किया और मारपीट करवाने की कोशिश की। आरोप के मुताबिक, उनके साथ कॉलर पकड़कर धक्का-मुक्की भी की गई। अधिवक्ता का कहना है कि भूमि विवाद को लेकर पहले ही उपमुख्यमंत्री, प्रधान सचिव और सचिव स्तर से आदेश जारी हुआ था कि जमीन की मापी कराकर दखल-कब्जा दिलवाया जाए, लेकिन आदेश का पालन करने के बजाय उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। सीओ ने आरोपों को किया खारीज वहीं, सीओ राकेश सिंह यादव ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि राहुल भारद्वाज जनता दरबार में अपनी समस्या लेकर आए थे, लेकिन सुनवाई के दौरान वे ही बदतमीजी करने लगे, जिसके कारण थाना पुलिस को बुलाना पड़ा। सीओ ने बताया कि पहले जनता दरबार थाना परिसर में आयोजित होता था, जहां पुलिस की मौजूदगी के कारण अनुशासन बना रहता था। अब अंचल कार्यालय में जनता दरबार होने से कुछ लोग अनुशासनहीनता कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शनिवार को जनता दरबार में थानाध्यक्ष की उपस्थिति का निर्देश दिया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो। घटना के बाद अंचल कार्यालय में जनता दरबार की व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन पर सवाल उठने लगे हैं। दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच मामला चर्चा का विषय बन गया है।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस प्रकरण को लेकर क्या कदम उठाता है और सच्चाई सामने लाने के लिए किसी स्तर पर जांच होती है या नहीं। दरभंगा के कुशेश्वरस्थान अंचल कार्यालय में आज जमीन विवाद के मामले को लेकर एसोसिएशन के कार्यकारी सदस्य, अधिवक्ता राहुल भारद्वाज और सीओ राकेश सिंह यादव के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि कार्यालय परिसर में हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई। 28 जनवरी को दरभंगा में आयोजित बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के भूमि विभाग से जुड़े जन संवाद कार्यक्रम में राहुल भारद्वाज अपनी जमीन के मामले को लेकर पहुंचे थे। वहां उन्हें आश्वासन दिया गया था कि अंचलाधिकारी को निर्देश दे दिया गया है और उनका काम हो जाएगा। अपमानजनक व्यवहार करने का लगाया आरोप इसी सिलसिले में वे 14 फरवरी 2026 को मौजा औराही स्थित अपनी जमीन के विवाद को लेकर अंचल कार्यालय पहुंचे थे। राहुल भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सुनवाई के दौरान सीओ ने उनके साथ बदतमीजी, गाली-गलौज और अपमानजनक व्यवहार किया। उन्होंने यह भी कहा कि अंचलगार्ड ने उनका मोबाइल छीनने का प्रयास किया और मारपीट करवाने की कोशिश की। आरोप के मुताबिक, उनके साथ कॉलर पकड़कर धक्का-मुक्की भी की गई। अधिवक्ता का कहना है कि भूमि विवाद को लेकर पहले ही उपमुख्यमंत्री, प्रधान सचिव और सचिव स्तर से आदेश जारी हुआ था कि जमीन की मापी कराकर दखल-कब्जा दिलवाया जाए, लेकिन आदेश का पालन करने के बजाय उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। सीओ ने आरोपों को किया खारीज वहीं, सीओ राकेश सिंह यादव ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि राहुल भारद्वाज जनता दरबार में अपनी समस्या लेकर आए थे, लेकिन सुनवाई के दौरान वे ही बदतमीजी करने लगे, जिसके कारण थाना पुलिस को बुलाना पड़ा। सीओ ने बताया कि पहले जनता दरबार थाना परिसर में आयोजित होता था, जहां पुलिस की मौजूदगी के कारण अनुशासन बना रहता था। अब अंचल कार्यालय में जनता दरबार होने से कुछ लोग अनुशासनहीनता कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शनिवार को जनता दरबार में थानाध्यक्ष की उपस्थिति का निर्देश दिया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो। घटना के बाद अंचल कार्यालय में जनता दरबार की व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन पर सवाल उठने लगे हैं। दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच मामला चर्चा का विषय बन गया है।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस प्रकरण को लेकर क्या कदम उठाता है और सच्चाई सामने लाने के लिए किसी स्तर पर जांच होती है या नहीं।  

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