सीहोर के प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश स्मिता सिंह ठाकुर की कोर्ट ने हत्या और सबूत मिटाने के मामले में तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने सिपाहीपुरा निवासी आरोपी साजिद, जुबैर और आमिर को आजीवन कारावास और 7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर अर्थदंड भी लगाया है। मामला 31 दिसंबर 2023 का है, जहां प्रेम प्रसंग के चलते साहिल नाम के युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी और पहचान छिपाने के लिए शव को जला दिया गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी साजिद एक लड़की से प्रेम करता था और उससे शादी करना चाहता था। घटना वाली रात उसने मृतक साहिल को उस लड़की से बात करते हुए देख लिया था। इसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा हुआ। इसके बाद जब साहिल वहां से गया, तो रंजिश रखते हुए साजिद और जुबैर ने अपनी स्कूटी से उसका पीछा किया। चाकू मारा, फिर दोस्त को बुलाकर शव जलाया कब्रिस्तान नाले के पास मौका पाकर साजिद और जुबैर ने साहिल की चाकू मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद उन्होंने तीसरे आरोपी आमिर को मौके पर बुलाया। इसके बाद आमिर की एक्टिवा पर शव को नाले के पास ले जाया गया और जला दिया गया। सबूत मिटाने के लिए आरोपियों ने अपने स्वेटर और मृतक के मोबाइल की सिम भी आग में जला दी थी। अधजली लाश मिलने पर खुली पोल मृतक साहिल 31 दिसंबर की रात 11 बजे मंडी चौराहे जाने का बोलकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। पिता रहमत अली ने अगले दिन मंडी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। इसी बीच, कब्रिस्तान नाले के पास एक अधजली लाश मिली। पिता रहमत अली ने अपने साले तैयब के साथ मौके पर पहुंचकर शव की पहचान साहिल के रूप में की। बावड़ी में फेंकी थी बाइक और चाकू पुलिस ने कॉल डिटेल और महिला मित्र के बयानों के आधार पर साजिद और जुबैर को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ में उन्होंने जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल चाकू और मृतक की बाइक (जो बावड़ी में फेंकी थी) बरामद की गई। साथ ही झाड़ियों से उनके पैंट भी बरामद हुए। बाद में आमिर को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से मृतक का मोबाइल मिला। स्कूटी के फोम पर मिले खून के धब्बे जांच में विज्ञान का भी सहारा लिया गया। आमिर की स्कूटी के फोम के टुकड़े पर मृतक के खून की पुष्टि एफएसएल रिपोर्ट में हुई। डॉक्टर ने चाकू से मौत होना संभावित बताया। शव की शिनाख्त पुख्ता करने के लिए डीएनए टेस्ट कराया गया, जिसमें मृतक के रहमत अली का बेटा होने की पुष्टि हुई। कोर्ट में 15 गवाहों के बयान और कॉल डिटेल, टावर लोकेशन जैसे सबूत पेश किए गए, जिसके आधार पर सजा सुनाई गई।


