उरई के 86 विद्यालयों में मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संत आशारामजी बापू की प्रेरणा से आयोजित इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में माता-पिता के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देना था। इस कार्यक्रम में लगभग एक लाख विद्यार्थियों ने भाग लेकर अपने माता-पिता के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम के दौरान विद्यालयों में विशेष प्रार्थनाएं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और पूजन अनुष्ठान संपन्न हुए। विद्यार्थियों ने गुरुजनों के मार्गदर्शन में विधि-विधान से पूजन कर माता-पिता के त्याग, प्रेम और जीवन में उनके महत्व को समझा। कई स्थानों पर बच्चों ने अपने माता-पिता के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया, जिससे विद्यालय परिसर में एक भावनात्मक और श्रद्धामय वातावरण निर्मित हुआ। यह आयोजन महर्षि विद्या मंदिर, मॉर्निंग स्टार स्कूल, दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, विनायक एकेडमी, सरस्वती विद्या मंदिर, उरई इंटरनेशनल, राधा-कृष्णा स्कूल, स्पोर्ट्ज पब्लिक स्कूल, बाल भारती इंटर कॉलेज, पाठक सैनिक क्लास, टीएम पब्लिक स्कूल और मदर टेरेसा स्कूल सहित अनेक शिक्षण संस्थानों में एक साथ मनाया गया।
शिक्षकों और आयोजकों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके अनुसार, इससे बच्चों के भीतर बड़ों के प्रति सम्मान, जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच विकसित होती है। कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने अपने माता-पिता का सदैव सम्मान करने, उनकी सेवा करने तथा उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। विद्यालय प्रबंधन ने इस पहल को विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।


